स्वाइन फ्लू से मरने वाले गौरव की दो हफ्ते बाद शादी थी। गौरव की कुछ महीने पहले रिंग सेरेमनी हुई थी व 14 फरवरी को वेलेनटाइन-डे वाले दिन उसकी शादी तय हुई थी। परिवार वाले शादी की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। घर पर मातम छाया हुआ है व पूरे शहीद ऊधम सिंह नगर में भी शोक की लहर है। गोरू के माता-पिता व छोटे भाई का रो रोकर बुरा हाल है। दादा (अंकल पकौड़े वाले) की पहले मौत हो चुकी है।
मात्र इलाज का दावा ही करता है सिविल अस्पताल प्रबंधन
गौरव के दोस्तों ने बताया कि स्वाइन फ्लू को रोकने के लिए सिविल अस्पताल चाहे लाख दावे करे, लेकिन सच्चाई यह है कि सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू से निपटने का कोई इंतजाम नहीं है। गौरव के दोस्तों का कहना है कि वह सिविल अस्पताल में पूछकर आए थे कि क्या मरीज को यहां लेकर आ सकते हैं तो उन्होंने कहा कि अगर मरीज को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव है तो वह मरीज को लुधियाना ही ले जाएं। गोरू के दोस्तों का आरोप है कि स्वाइन फ्लू को लेकर पंजाब सरकार पूरी तरह से फेल साबित हो रही है।