गांव के लोगों ने इस विवाद को सुलझाने की कोशिश की लेकिन परिजनों का हंगामा चलता रहा। पुलिस पर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने धमकी दी गई। इसके बाद गांव के ही लोगों ने परिजनों को शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए सहमत करवाया। सदर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
थाना प्रभारी सुरेंद्र ने बताया कि इस मामले की जानकारी किसी व्यक्ति ने उन्हें फोन पर दी थी। जब वहां पर पुलिस पहुंची तो विजेंद्र को घायलावस्था में नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने विजेंद्र को इंजेक्शन दिए। इसके कुछ ही समय बाद विजेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने विजेंद्र के चाचा कृष्ण की शिकायत पर कंडेला के राममेहर व उसके परिवार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में जांच के बाद कुछ नया खुलासा हो सकता है। दरअसल इस मामले में मृतक युवक के फोन की कॉल डिटेल कई राज खोल सकती है। फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है कि युवक दूसरे के घर में क्यों गया था, लेकिन फोन की कॉल डिटेल इससे पर्दा उठा सकती हैं। विजेंद्र के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि किसी ने उसकी हत्या करने के लिए ही बुलाया था, ऐसे में विजेंद्र के फोन की कॉल डिटेल काफी महत्वपूर्ण होगी।
युवक को बांधकर पीटा गया
पुलिस सूत्रों के अनुसार शव को देख कर ऐसा लग रहा है कि युवक को रस्सी से बांधकर पीटा गया है। विजेंद्र के पूरे शरीर पर पीटने के काफी निशान मिले हैं। विजेंद्र के चेहरे पर पिटाई के कुछ कम निशान हैं, इसके अलावा पूरे शरीर पर बेरहमी से पीटने के निशान हैं।