मौके पर पहुंची सीएफएसएल की टीम ने कटे हुए पैर को कब्जे में लेकर जांच को भेज दिया है। वीडियोग्राफी समेत अन्य सबूत जुटाए गए हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि कटे हुए दोनों पैरों से खून नहीं निकल रहा था। इससे पुलिस को इस बात का शक है कि पैर को काफी दिनों तक फ्रिज या किसी ठंडी जगह पर रखा गया। पुलिस इसे हत्या के एंगल से जोड़कर देख रही है। इसके अलावा थोड़ी दूर पर भ्रूण मिलने से पुलिस का शक और भी ज्यादा गहरा हो गया है।
खंगाले सीसीटीवी फुटेज, नहीं लगा सुराग
पुलिस को आशंका है कि कोई शख्स पैदल या फिर साइकिल से कटे हुए दोनों पैर और भ्रूण को एसबीआई बिल्डिंग के पास फेंककर फरार हुआ होगा। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर 8/9/17/18 के चौक, एसबीआई बिल्डिंग के बाहर समेत आसपास के एरिया में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालना शुरू कर दिया है लेकिन अब तक पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है, जिससे आरोपियों की पहचान हो सके।
अस्पतालों का डाटा खंगालने में जुटी पुलिस
वारदात के बाद पुलिस टीम अब पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 समेत आसपास के हॉस्पिटल का डाटा खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस को शक है कि जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया है, उससे लगता है कि यह किसी प्रोफेशनल व्यक्ति का काम है। वहीं, पुलिस अब इन अस्पतालों में रखी डोनेट की हुई डेड बॉडीज की भी जांच शुरू कर दी है।
- कहीं किसी ने युवती की हत्या कर शव के और अंगों को फ्रिज में तो नहीं रखा।
- शव के अलग-अलग अंगों को कहीं और तो नहीं फेंका गया है।
- क्या भ्रूण उसी युवती का है, जिसका पैर मिला है।
- कहीं दोनों पैर अलग-अलग युवती के तो नहीं।
- ऐसा तो नहीं डिलीवरी से पहले ही किसी ने युवती की हत्या कर दी हो।
- आखिर कितने दिनों पहले फेंका गया है पैर और भ्रूण।
- ऐसा तो नहीं पैर किसी और का और भ्रूण किसी और महिला का है।
- शहर में लापता होने वाली युवतियों की लिस्ट बनाने की तैयारी।
सीएफएसएल रिपोर्ट में होगा खुलासा
पुलिस टीम डॉक्टरों की मदद से भी और सबूत जुटा रही है। साथ ही पुलिस को अब से सीएफएसएल की आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे पता चल सके आखिर पूरा मामला क्या है।