समलेहड़ी निवासी घायल महिला के पति शीशपाल ने बताया कि वह मजदूरी करता है और उसकी पत्नी 45 वर्षीय कर्मजीत जमींदार रणबीर सिंह के यहां बाड़े से गोबर निकाल रही थी। 42 वर्षीय मीना भी जमींदार के यहां काम करती है। बाड़े से पशुओं को निकालने के बाद गोबर साफ एवं अन्य सफाई का कार्य किया जाता है। शीशपाल ने बताया कि मीना एवं कर्मजीत दोनों बाड़े में सफाई कर रही कर रहीं थीं तभी कच्ची छत गिर गई।
आवाज सुनते ही घर एवं आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने कर्मजीत को मलबे से निकाला और अर्द्धबेहोशी की हालत में गांव के ही एक डॉक्टर के पास ले गए। मगर, किसी को यह नहीं मालूम था कि मीना भी उस दौरान मलबे के नीचे दबी थी। करीब दो घंटे बाद कर्मजीत को होश आया तो उसने मीना के बारे में पूछा। फिर ग्रामीण मौके पर गए और मलबे के नीचे से मीना को निकाला। मगर, तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। मामले की जानकारी साहा पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस छानबीन में जुट गई है।
दो बेटियां छोड़ गई मीना
मीना के पति सुखपाल ने बताया कि उसकी पत्नी जमींदार के यहां काम करती थी और छत गिरने से यह हादसा हुआ। उनके परिवार में दो बेटियां हैं जोकि 11 एवं 14 वर्षीय हैं। दोनों की जिम्मेदारी अब उस पर आ गई है। पत्नी को खोने का गम सुखपाल की आंखों में झलक रहा था। वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है।