जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में पंचकूला कोर्ट में पेशी के लिए जा रहे आरोपी का शव गुरुवार सुबह सात बजे काठमंडी पुल के पास पड़ा मिला। आरोपी के सिर पर पत्थर से वार किए गए थे। उसका मोबाइल भी गायब मिला। लूट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतक के चाचा की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
खेड़ीसाध गांव निवासी 42 वर्षीय बिजेंद्र पुत्र उम्मेद सिंह खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करता था। वर्ष 2016 में रोहतक में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में आग लगाने के मामले में बिजेंद्र आरोपी था। मामला पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में विचारधीन है। बुधवार रात ट्रेन से पंचकूला जाने के लिए वह शाम सात बजे घर से निकला था।
गुरुवार सुबह करीब सात बजे काठमंडी पुल के पास उसका शव खून से लथपथ अवस्था में पड़ा मिला। शव के पास सिम पड़ा था, पर मोबाइल गायब था। आर्य नगर और सिटी थाना पुलिस काफी देर तक सीमा विवाद में उलझी रही। बाद में सिटी थाना पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। परिजनों ने किसी से भी रंजिश की बात से इनकार किया है। उन्होंने लूट के बाद हत्या की आशंका जताई है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बिजेंद्र वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास पर हमला करने का आरोपी था। हत्या का केस दर्ज किया गया है।
-जगबीर सिंह, एसएचओ सिटी