इस बीच सुरेश का मंजू के साथ किसी बात पर विवाद हो गया। सुरेश ने मंजू के सिर पर हथौड़े से वार कर दिया और फरार हो गया। जब बेहली देवी बाजार से घर आई तो देखा कि उसकी बेटी लहूलुहान पड़ी है। आसपास के लोगों को बुलाकर पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस पहुंची तब तक मंजू की मौत हो चुकी थी। बेहली ने बताया कि सुरेश उनके घर आता-जाता था। इस पर मंजू ने उसे कई बार घर आने से मना किया था।
जानकारी के अनुसार, सुरेश शादीशुदा था और उसके तीन बच्चे हैं। उसकी पत्नी और बच्चे रेवाड़ी जिले के एक गांव में रहते हैं। वह महेंद्रगढ़ रोड पर एक दुकान में डेंटिंग-पेंटिंग का काम करता था और दुकान के पिछले हिस्से में बनी वर्कशाप में रहता था। एसएचओ कैलाशचंद ने बताया कि जब जांच के लिए सुरेश की वर्कशाप पहुंचे तो उसका शव टीन शेड में लगे लोहे के पोल में लटका मिला। चौकी इंचार्ज गोविंद कुमार ने बताया कि मंजू के शव को पीएचसी भेज दिया गया है।