उन्होंने एमजी मोटर, एचडीवी फर्म, आईक्यू अस्पताल, शीला बाईपास स्थित एलआईसी, आकाश फार्म आदि से रुपये कलेक्ट किए। इसके बाद वह डी-पार्क स्थित भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से रुपये कलेक्ट करने पहुंचे। सुरेंद्र रुपये लेने के लिए प्रथम मंजिल स्थित इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय में चला गया। इस दौरान वैन में रखे कैश की सुरक्षा के लिए गनमैन राजीव और चालक कृष्णा मौजूद रहे। उसे इंश्योरेंस कंपनी से खाते में जमा करने के लिए 30 हजार रुपये मिले, जो उसने एक बैग में रखे दिए।
वह लौटकर आया तो एलआईसी से मिले आठ लाख रुपये से भरा बैग गायब था। उसने तुरंत गनमैन से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह मौके पर ही खड़ा था। एक व्यक्ति ने उसे चंद कदम की दूरी पर बुलाया और फिर वह बिना कुछ कहे चलता बना। अंदेशा जताया जा रहा है कि उक्त युवक के ही साथी ने बैग चोरी किया है।
वहीं, पुलिस ने एजेंसी के तीनों कर्मियों को पूछताछ के लिए थाने लेकर गई। जहां उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। वहीं, पुलिस की टीम ने आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को फुटेज को खंगाला। वहीं, वैन के दूसरे कर्मी ने बताया कि वह रुपये लेकर एचडीएफसी बैंक में जमा कराने पहुंचे। जब वैन के अंदर आठ लाख रुपये से भरा बैग नहीं मिला तो उनके होश उड़ गए। वह लौटकर डी-पार्क आए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए अफसरों को सूचना दी।
पीजीआई थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि कैश वैन से आठ लाख रुपये का बैग गायब होने के मामले में चालक, कैश कलेक्शन कर्मी व गनमैन से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। मामला दर्ज करने के साथ ही पुलिस अपराधियों की तलाश में जुट गई है।
एजेंसी के कर्मचारी जब एचडीएफसी बैंक में कैश जमा कराने पहुंचे तब पता चला कि आठ लाख रुपये से भरा बैग गायब है। पुलिस ने कई दुकानों व शोरूम से फुटेज लेकर खंगाले हैं। एक फुटेज में वैन के पास एक व्यक्ति खड़ा दिखाई दिया है। उसी पर रुपयों से भरा बैग चोरी करने का संदेह है। - राहुल, एसपी रोहतक