नाहर ग्रुप में हुए दर्दनाक हादसे ने 1 मई 2012 को लालड़ू से करीब दस किलोमीटर दूर गांव बसौली के निकट स्थित दशमेश मेडिकेयर फैक्ट्री में हुए हादसे के जख्मों की याद दिला दी। उस समय उक्त फैक्ट्री में एक रिएक्टर में स्टैटिक चार्ज के चलते जोरदार धमाकों के साथ ब्लास्ट होने से भयानक आग लग गई थी। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही चार लोग बुरी तरह से जलकर मर गए थे और 15 के करीब गंभीर रूप से जख्मी हुए थे।
उस हादसे में मृतकों की हालत ऐसी थी हाथ लगते ही शव खराब होने लगते थे। उक्त हादसे के एक महीने के दरमियान कुल 9 लोगों की मौत हो गई थी। हादसा कितना भयानक था इसका इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 1500 डिग्री तापमान मे इमारती ढांचा दरारों में फट गया था और लोहे के गार्डर व एंगल तक जमीन पर आ गए थे, हादसे के बाद फैक्ट्री पूरी तरह से खत्म हो गई थी जो आज तक फिर दोबारा से नहीं चल सकी।
पंजाब एटक मामले की जांच करने की देगी शिकायत पत्र
पंजाब एटक के राज्य उप प्रधान विनोद चुग ने नाहर हादसे में मारे गए मजदूरों के परिवारों के साथ हमदर्दी जताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच करने व उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसमें कथित तौर पर लापरवाही करने वाले प्रबंधकों व अधिकारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को शिकायत देने की बात भी की।
आस-पास के गांवों के लोगों में पाया जा रहा खौफ
फैक्ट्री के निकट मंगलवार हादसे के कारण आस-पास के गांवों के लोगों में खौफ पाया जा रहा है। लोगों ने बताया कि उक्त हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई है। हादसा ज्यादा बड़ा होता तो आस-पास के गांवों का भी नुकसान हो सकता था।