जाते समय दोनों नौ माह की बच्ची को झुग्गी में सुलाकर गए जबकि चार साल के लड़के को साथ लेकर गए। काम खत्म करके जब रात दो बजे लौटे तो झुग्गी में बच्ची नहीं मिली। इसके बाद इंदू ने बच्ची न मिलने की शिकायत ठेकेदार और अटेली पुलिस थाने को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डीएसपी साधुराम और थाना प्रभारी राजकुमार ने घटनास्थल का मुआयना कर बच्ची की तलाश शुरू की।
इस दौरान पुलिस के साथ ही पीड़ित परिजन भी पूरी रात बच्ची को ढूंढते रहे। इसी दौरान झुग्गी से कुछ दूर जब झाड़ियों में लावारिस कुत्ते आपस में लड़ रहे थे। शक होने पर परिजन वहां पहुंचे तो कुत्ते बच्ची को नोच रहे थे। यह देखकर परिजनों के रोंगटे खड़े हो गये। परिजनों और पुलिस ने बड़ी मुश्किल से बच्ची को कुत्तों के चंगुल से छुड़वाया।
कुत्ते बच्ची के सिर का हिस्सा बुरी तरह से नोच चुके थे और बच्ची की टांग खा रहे थे। जीआरपी ने बच्ची को नागरिक अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम करवाकर इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया। इस संबंध में डीएसपी साधुराम व थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि रात को झुग्गी में सो रही बच्ची को आवारा कुत्ते उठाकर खेतों में ले गए थे। उसे नोच डाला जिससे उसकी मौत हो गई।