साल 2010 में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस काशिफ अली (27) को सीजेएम अनुभव शर्मा की अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। वहीं इसी मामले में दिल्ली निवासी एक अन्य दोषी को दो साल कैद सुनाई है। वीरवार को आदलत ने दोनों को दोषी करार दिया था।
मामले के अनुसार 10 जुलाई 2010 को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि सेक्टर-44 में एक पाक जासूस नाम बदल कर रह रहा है। वह यहां पवन कुमार के नाम से रह कर सेना से संबंधित सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा है। इस पर पुलिस ने सेक्टर-44 के लक्ष्मी मंदिर के पास नाका लगाकर काशिफ अली को पकड़ा था।
पहले वह अपना नाम दिल्ली निवासी पवन शर्मा बताता रहा। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने असली पहचान पाकिस्तान की जुल्फीकार कालोनी के काशिफ अली के रूप में बताई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर सेक्टर-44 के घर पर छापेमारी कर सैन्य क्षेत्र के नक्शे, कैमरे, सेना से जुड़े कागजात और पासपोर्ट बरामद किए थे।
पूछताछ में काशिफ अली ने बताया था कि वह पवन कुमार के नाम से पासपोर्ट बनवा रहा है। इसके लिए उसने दस हजार रुपये एजेंट गुरपिंदर सिंह कुलविंदर सिंह और जगदीश को दे रखे हैं। पुलिस ने तीनों एजेंट को पकड़कर उनसे पवन कुमार के जाली कागजात बरामद किए थे।
काशिफ अली ने बताया कि वह 2005 में दिल्ली आया था। दिल्ली के पीतमपुरा निवासी आनंद कुमार को पैसे देकर उसने पवन कुमार के नाम से बैंक अकाउंट और राशनकार्ड बनवाया था।
इसके बाद पुलिस ने दिल्ली निवासी आनंद कुमार को गिरफ्तार किया था। आनंद कुमार ने बताया था कि काशिफ अली का बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए उसने अपने भाई के राशनकार्ड का इस्तेमाल किया था। क्राइम ब्रांच ने सभी के खिलाफ सेक्टर-34 पुलिस स्टेशन में अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
इसके बाद से मामला कोर्ट में चल रहा था। वीरवार को कोर्ट ने पाक जासूस काशिफ अली और दिल्ली निवासी आनंद कुमार को दोषी करार दिया। शुक्रवार को दोनों को सजा सुनाई गई।
कोर्ट में काशिफ अली को पांच साल कैद और 14 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं आनंद कुमार को अदालत ने दो वर्ष कैद और चार हजार रुपये जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया है। काशिफ अली को ऑफिशियल सीक्रे ट एक्ट की धारा 3 में पांच वर्ष कैद व दो हजार रुपये जुर्माना एवं धारा 6 में दो वर्ष कैद एवं फारनर्स एक्ट की धारा 14 में पांच वर्ष कैद एवं 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा उसे आईपीसी की धारा 120-बी और 419 में दो वर्ष कैद एवं दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।