करनाल जिले में दहशत का पर्याय बन चुका पांच लाख रुपये का कुख्यात इनामी बदमाश नीरज पूनिया मुठभेड़ के बाद मंगलवार को रेवाड़ी में साथी समेत गिरफ्तार कर लिया गया।
रेवाड़ी सीआईए ने बदमाश के पास से दो असलहे और पांच कारतूस बरामद किए हैं। बदमाशों की एक गोली पुलिस की गाड़ी में जा लगी, जबकि सीआईए प्रभारी गोली लगने से बच गए। फिलहाल पुलिस यह जानकारी हासिल करने में जुटी है कि यह बदमाश किस वारदात को अंजाम देने रेवाड़ी में आया था।
रेवाड़ी सीआईए इंचार्ज राजबीर सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि करनाल जिले का पांच लाख रुपये का इनामी बदमाश नीरज पूनिया साथी मंजीत निवासी करनाल के साथ जिले में किसी वारदात को अंजाम देने आ रहा है। सूचना पर सीआईए टीम ने दोपहर को गांव डालियाकी के पास एक कार रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने कार को दौड़ा दिया।
सीआईए टीम ने रामपुरा की ओर जा रहे भगवत भक्ति आश्रम के पास बदमाशों को घेर लिया। बदमाशों ने पुलिस पर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें गोली लगने से सीआईए प्रभारी बचे। गोली पुलिस की गाड़ी में जा लगी। घेराबंदी और पुलिस की जवाबी फायरिंग के बाद दोनों बदमाशों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने नीरज से एक पिस्टल और तीन कारतूस तथा मंजीत से एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने बदमाशों की गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया।
हत्या, डकैती जैसी वारदात कर बना इनामी
करनाल के सेक्टर-6 में रहने वाला नीरज पूनिया ने करनाल में ही अब तक दो सगे भाइयों समेत 4 लोगों की हत्या की वारदात को अंजाम दिया, जबकि 6 बड़ी डकैती की वारदातों में भी वह मुख्य आरोपी था। यही नहीं नीरज पर हत्या के प्रयास के भी दो मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा आरोपी मंजीत पर भी हत्या का एक मामला दर्ज है।
बिना नंबर प्लेट की थी कार
जिस कार में दोनों कुख्यात बदमाश सवार थे, वह बिना नंबर प्लेट की थी। सीआईए इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि बिना नंबर प्लेट की कार बदमाशों ने कहां से लूटी या चोरी की है। इसके अलावा वह जिले में किस वारदात को अंजाम देने आ रहे थे, यह भी पुलिस पता करने का प्रयास कर रही है।