गुड़गांव के चीफ ज्यूडिशियल (सीजेएम) रहे रवनीत गर्ग की पत्नी गीतांजलि की रहस्यमय मौत की गुत्थी सुलझाने में सीबीआई भी पस्त हो गई है।
कई महीने की छानबीन के बाद अब इस बारे में सुराग देने वालों को पांच लाख रुपये इनाम देने का ऐलान किया गया है। हालांकि गीतांजलि के परिजन घटना के समय से ही गीतांजलि के पति रवनीत गर्ग पर हत्या का आरोप लगाते रहे हैं।
गौरतलब है कि तकरीबन छह महीने पहले गीतांजलि की लाश पुलिस लाइन में झाड़ियों के बीच रहस्यमय हालात में मिली थी। उसके पास से ही पुलिस ने सीजेएम की लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद की थी।
उससे चार गोलियां गीतांजलि को लगी थीं। इसके आधार पर कयास लगाया जा रहा था कि किसी ने हत्या करने के बाद शव और रिवॉल्वर पुलिस लाइन में फेंक दी थी।
शुरुआत में इस मामले की जांचगुड़गांव पुलिस की एसआईटी कर रही थी, लेकिन 15 दिनों की जांच में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचने के कारण पंचकूला में रहने वाले गीतांजलि के परिवार वालों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से हमले की सीबीआई से कराने की मांग की थी।
यही नहीं सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए दिल्ली, गुड़गांव सहित कई जगह पर प्रदर्शन और कैंडल मार्च भी किए गए थे। इसके बाद ही मुख्यमंत्री की पहल पर इसकी जांच सीबीआई की स्पेशल ब्रांच को सौंप दी गई।
पहले इसकी जांच एसआईटी कर रही थी। बाद में मुख्यमंत्री की पहल पर इसकी जांच सीबीआई की स्पेशल ब्रांच को सौंप दी गई, लेकिन करीब पांच महीने की मशक्कत के बाद भी सीबीआई के हाथ खाली हैं।
यहां तक कि इस मामले की तमाम रिपोर्ट आने के बाद भी उसके हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। ऐसे में सीबीआई ने गीतांजलि की मौत के मामले में सुराग देने वाले को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई के प्रवक्ता ने इनाम की पुष्टि की है।
परिवार ने कहा-कुछ भी करो लेकिन इंसाफ दिलाओ
गीतांजलि की हत्या का सुराग देने वालों को ईनाम देने की घोषणा करने पर गीतांजलि के मायके वालों ने कहा कि ‘कुछ भी करो, हमें इंसाफ चाहिए’। गीतांजलि के पिता ओमप्रकाश अग्रवाल किसी काम से शहर से बाहर गए हैं।
परिवार की एक महिला ने बताया कि पिछले छह महीने से इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। अब जल्द से जल्द सच्चाई से पर्दा उठना चाहिए और हत्यारे गिरफ्त में होने चाहिए।