मृतक गुलजारी लाल और सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्ध
पीजीआई में दामाद का इलाज कराने आए रिटायर्ड वन विभाग के गार्ड गुलजारी लाल के शरीर पर आरोपियों ने ताबड़तोड़ एक के बाद एक 20 वार कर उन्हें लहूलुहान किया था। ज्यादातर घाव हाथ और पैर में थे। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं दो संदिग्ध आरोपी सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए हैं। पुलिस को शक है कि एक आरोपी नेपाली और दूसरा यूपी का है।
बीते 2 फरवरी को हिमाचल प्रदेश हमीरपुर के गांव बड़सर निवासी गुलजारी लाल (45) पीजीआई में दामाद का इलाज करवाने आए थे। सोमवार शाम से अचानक वे लापता हो गए। अगली सुबह गुलजारी लाल सेक्टर-10/11 की डिवाइडिंग रोड पर लहूलुहान हालत में पड़े थे। उनके शरीर पर तेजधार हथियारों से कई निशाने थे। सूचना पाकर पहुंची पुलिस उन्हें जीएमएसएच-16 ले गई, जहां उनकी गंभीर हालत होते देख डॉक्टरों ने पीजीआई रेफर किया था। शाम को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गुलजारी लाल के दामाद घर में दीवार से गिरने के कारण घायल हो गए थे। उनकी पीठ और टांग में फ्रैक्चर था। उन्हें 2 फरवरी को पीजीआई रेफर किया गया था। गुलजारी लाल, उनका बेटा अक्षय और अन्य रिश्तेदार भी साथ थे। पुलिस जांच में यह भी पता लगा कि मृतक के पास 20 हजार रुपये थे, लेकिन तलाशी के दौरान वह नहीं मिले। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या व लूट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
दामाद के भतीजे ने कहा, आरोपी दोबारा आए
मृतक के दामाद के भतीजे राजीव ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे वह पीजीआई के गेट के पास था। इस दौरान उसके पास दो युवक आए। उनमें से एक नेपाली और दूसरा यूपी का लग रहा था। उन्होंने कहा कि तेरे रिश्तेदार के पैसे गाड़ी में हैं, साथ चलकर ले लो। जिससे वह घबरा गया और उनके साथ जाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाया, जिसमें आरोपी कैद थे।
पीजीआई के आसपास का एरिया खंगाला
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है। पुलिस अब पीजीआई और आसपास के एरिया में आरोपी की धरपकड़ के लिए प्रयास कर रही है। इसके अलावा पुलिस वारदात स्थल और अन्य जगहों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है।