शाम करीब सवा पांच बजे रामनिवास ने अपनी पत्नी को फोन कर कहा कि वह हरियाणा की ओर जा रहे हैं, रात करीब 10 बजे तक लौट आएंगे। इसी फोन पर बातचीत के दौरान पत्नी ने रामनिवास को घरेलू सामान लाने के बारे में भी कहा था। बताए गए समय पर जब पत्नी ने फोन किया तो रामनिवास का फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद पत्नी ने इस बारे में परिजनों को बताया। जिस पर रामनिवास के बारे में सभी रिश्तेदारियों में पता किया। लेकिन उसका कही कोई भेद नहीं लगा।
कोर्ट में विचाराधीन जमीनी विवाद पर की तीन लोगों ने हत्या
परिजनों ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि शुक्रवार को उन्हें रोहतक की आईएमटी थाना पुलिस से रामनिवास के शव की खरावड़ आउटर बाईपास पर पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिजन देर रात को रोहतक पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद परिजनों ने पीजीआई पहुंच कर रामनिवास के शव की शनाख्त की।
पुलिस को दिए बयान में परिजनों ने बताया कि पांच साल पहले गांव बसंत जगजीवन बिहार में जमीनी विवाद होने के कारण गांव के ही दो सगे भाई राजकिशोर सिंह व विजय सिंह से झगड़ा चल रहा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। परिजनों ने आशंका जताई है कि इस रंजिश के चलते उक्त दोनों आरोपी सगे भाइयों ने अभिजीत के साथ मिलकर रामनिवास की गोलियां मारकर हत्या की। शव को खुर्द बुर्द करने के लिए रोहतक के खरावड़ पुल के पास फेंककर फरार हो गए।
डेढ़ साल पहले की थी लव मैरिज, 22 दिन के बेटे का था पिता
परिजनों ने बताया कि रामनिवास से करीब डेढ़ साल पहले लव मैरिज की थी। शादी के बाद से दिल्ली में रहने लगे। 3 जनवरी को वह बेटे का पिता बना था। काफी दिनों से वह बेरोजगार था। रोजगार की तलाश में ही वह अभिजीत के साथ अभिजीत के परिचितों से मिलने गया था। जहां से उक्त लोग उसे रोजगार की बात कह कर हरियाणा ले गए थे और उसकी गोलियां मारकर हत्या कर दी।
मृतक के भाई के बयान पर राजकिशोर सिंह, विजय सिंह निवासी बसंत जगजीवन बिहार व अभिजीत के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है, जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - कुलबीर सिंह, आईएमटी थाना प्रभारी।