इसके बाद पीसीआर पार्टी मौके पर पहुंची। पीसीआर कर्मचारियों ने घर का दरवाजा तोड़ा और अंदर दाखिल हुए। अंदर देखा तो पंखे से बंधे फंदे से गुरबीर सिंह की लाश लटक रही थी। मृतक गुरबीर सिंह की पत्नी ने पुलिस को बताया कि गुरबीर सिंह की कोरोना काल में नौकरी चले जाने के कारण वह परेशान होकर अवसाद में चल रहे थे।
मृतक गुरबीर की मां फेज-7 में रहती हैं और गुरबीर के पिता का देहांत हो चुका है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। अभी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। पुलिस भी इसे आत्महत्या का मामला ही मान रही है।
हाईप्रोफाइल जॉब जाने से था अवसाद में
पुलिस को दिए बयान में मृतक गुरबीर सिंह की पत्नी ने बताया कि उसका पति आईटी पार्क चंडीगढ़ में एक मल्टीनेशनल कंपनी में हाई प्रोफाइल जॉब पर था। कोरोना काल के दौरान उसकी जॉब चली गई थी। गुरबीर पर करीब पांच लाख रुपये का कर्ज भी था, इस कारण वह परेशान चल रहा था। इस बेरोजगारी के दौरान गुरबीर सिंह अवसाद में रहने लगा था। हालांकि अभी कुछ महीने पहले इंडस्ट्रियल एरिया के फेज-8 में किसी कंपनी में काम शुरू किया था।
मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर 174 की कार्रवाई की गई है। जांच अभी जारी है। शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। यहां शव को मॉर्चरी में रखवा दिया गया है। अभी पोस्टमार्टम नहीं हो सका है, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। - राजीव कुमार, एसएचओ थाना मटौर।