सीबीआई की विशेष अदालत ने आर्मी से रिटायर्ड मेजर और एक ट्रांसपोर्टर को भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए तीन साल कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही रिटायर्ड मेजर पर एक लाख और ट्रांसपोर्टर पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। रिटायर्ड मेजर जेपी मिश्रा और ट्रांसपोर्टर कृष्ण कुमार को 2005-06 के दरम्यान फर्जी बिल पास कराने के मामले में दोषी पाया गया। कर्नल विनोद केहल की शिकायत पर सीबीआई ने इस केस की जांच की थी।
उक्त दोषियों पर आरोप थे कि पंचकूला से अंबाला कैंट के बीच सैनिकों व अन्य सामान ले जाने के लिए जिन वाहनों का इस्तेमाल कागजों में दिखाया गया, वह असल में थे ही नहीं।
ट्रांसपोर्ट के बिलों के साथ छेड़छाड़ की जाती थी, जिससे आर्मी को करीब सात लाख रुपये का नुकसान हुआ था। आर्मी को जहां ट्रांसपोर्टर को 60 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से अदायगी करनी थी, वहीं मेजर मिश्रा ने 119 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से ट्रांसपोर्टर को पेमेंट की।
मेजर पर आरोप लगे थे कि उन्होंने ट्रांसपोर्टर के साथ मिलकर धोखधड़ी और भ्रष्टाचार किया।