स्थानीय अदालत ने ऑर्म्स एक्ट में दोषी करार दिए गए कुरुक्षेत्र पुलिस के एक एएसआई को तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि दूसरे आरोपी की सजा अंडरगोन हो गई।
वीरवार को ही किडनैपिंग के आरोप से 16 आरोपियों को बरी कर दिया गया था, जबकि एक एएसआई व एक अन्य आरोपी को ऑर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया गया था। किडनैपिंग की यह वारदात 29 मार्च को सेक्टर-10 में हुई थी।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, एमडीसी निवासी करणवीर, चंडीगढ़ निवासी रनवीर उर्फ लक्की व नवजोत उर्फ सोनू सेक्टर-10 स्थित तवा रेस्तरां में बैठे थे। उन्हें यहां पर कुरुक्षेत्र के एक प्रॉपर्टी डीलर ने बुलाया था, क्योंकि करणवीर का उनके साथ करीब 30 लाख रुपये का लेन-देन के सिलसिले में झगड़ा था।
प्रापर्टी डीलर के साथ उनके कई साथी भी थे और कुछ रेस्तरां के बाहर खड़े थे। इसी बीच झगड़ा हो गया और करणवीर व उसके दोनों साथियों को दर्जन भर युवक जबरदस्ती उठा ले गए।
पुलिस ने करणवीर व उनके साथियों को अंबाला के नजदीक से छुड़ा लिया और दर्जनभर युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इस वारदात में सेक्टर-5 थाने में कुल 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
16 आरोपियों को वीरवार को बरी कर दिया गया था, जबकि कुरुक्षेत्र पुलिस के एएसआई विशपाल व अब्बल राणा को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया था। अब्बल राणा को छह माह की सजा हुई, जो अंडरगोन हो गई, क्योंकि वह पहले ही करीब एक साल से जेल में है।
वहीं विशपाल को तीन साल की सजा हुई है। विशपाल पर आरोप थे कि उसने अपनी रिवाल्वर से करणवीर व अन्य को धमकाया था।