सेक्टर-46 में युवक की खुदकुशी के बाद बुधवार को परिजनों ने शव थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि युवक की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
क्योंकि 24 फरवरी की शाम को खुदकुशी से पहले संजीव ने दीवार पर लिपस्टिक से अपने पत्नी के खिलाफ सुसाइड नोट लिखा था। युवक की पत्नी उससे तीन हफ्ते से अलग रह रही थी और वह इसी वजह से परेशान था।
परिजनों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामले में डीडीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि मामले की पूरी जांच के बाद आगे की कार्रवाई दर्ज की जाएगी।
कुत्ते के पट्टे से फाजिल्का डीसी के बेटे ने की खुदकुशी
फाजिल्का के डीसी मंजीत सिंह बराड़ के बेटे सुमेर सिंह ने मंगलवार देर रात सेक्टर-8 स्थित घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। 17 वर्षीय सुमेर ने इसके लिए कुत्ते के पट्टे का इस्तेमाल किया। सुमेर सेंट जोंस स्कूल में 11वीं का छात्र था।
पुलिस के अनुसार डीसी मंजीत सिंह बराड़ फाजिल्का में तैनात हैं जबकि उनकी पत्नी गोवा में हैं। घर पर सुमेर और उसकी बड़ी बहन थे। सुमेर मंगलवार रात अपने कमरे में सोने चला गया। उसके साथ उनका पालतू कुत्ता भी था। बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे सुमेर के कमरे से कुत्ते के भौंकने की आवाज आने लगी।
इस पर उसकी बहन दरवाजा खोलने गई तो यह अंदर से लॉक था। सुमेर की तरफ से कोई आवाज न आने पर नौकर ने दरवाजा तोड़ दिया। कमरे में सुमेर की लाश कुत्ते के पट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली।
सेक्टर-3 थाना के जांच अधिकारी बलबीर सिंह के अनुसार खुदकुशी के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मामले की जांच अभी जारी है।
किशोरी ने घर में फंदा लगाकर दी जान
हल्लोमाजरा में रहने वाली एक किशोरी ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस उसे जीएमसीएच-32 ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मां का घटना के बाद से बुरा हाल है। वहीं, पिता को देर शाम तक इस हादसा का पता नहीं चल पाया था।
हल्लोमाजरा में रहने वाली 15 साल की प्रवीण ने बुधवार शाम घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। उसकी मां ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
सेक्टर-31 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जीएमसीएच-32 ले गई। लेकिन, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रवीण के पिता प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। परिजनों के मुताबिक, बीमारी के कारण प्रवीण काफी परेशान भी रहती थी।