फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकली नोट छाप 3 शातिर इंजीनियरिंग स्टूडेंट करते थे धंधा, गिरफ्तार

Sun, 22 May 2016 07:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
विज्ञापन
गिरफ्तार - फोटो : getty
विज्ञापन
शातिर इंजीनियरिंग स्टूडेंट करते थे पीजी में रहकर छापते थे नकली नोट, करते थे धंधा, पुलिस ने‌ दबोचा। मामला पंजाब के मोहाली के थाना फेज-8 का है। पुलिस ने पीजी चेकिंग के दौरान तीन ऐसे युवकों को काबू करने में सफलता हासिल की है, जो नकली नोट छापकर मार्केट में चलाते थे।
विज्ञापन


आरोपियों की पहचान आदिल श्रीनगर, नीरज जोशी भवानीगढ़ और ज्ञान सिंह मलोट पंजाब के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के पास सौ-सौ के 18 नोट, लैपटॉप, प्रिंटर व अन्य सामान बरामद किया है। थाना-8 के एसएचओ लखविंदर सिंह ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

ऐसे लगे पुलिस के हाथ
जानकारी के मुताबिक, पुलिस कई दिनों से अवैध पीजी के खिलाफ चेकिंग मुहिम चला रही है। इसी कड़ी में वीरवार को थाना फेज-8 की पुलिस ने सेक्टर-68 कुंभड़ा में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने एक कमरे की चेकिंग की तो वहां पर तीनों युवक हाथ लगे। उनके पास से नकली नोट भी बरामद हुए। इसके बाद जब पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने कबूल लिया कि वह नकली नोट छापकर मार्केट में चलाते थे। इसके बाद पुलिस ने उनका पूरा सामान उठाकर थाने ले आई। साथ ही आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत के केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे तैयार करते थे नकली नोट

Arrest
इंजीनियरिंग का स्टूडेंट है शातिर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी काफी शातिर हैं। इनमें से आदिल नाम का युवक बनूड़ स्थित एक नामी कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। जबकि अन्य दोनों बेरोजगार हैं। 

हुबहू नकली नोट स्कैन कर लेते थे
पुलिस मुताबिक, आरोपी नोटों की स्कैनिंग करते थे। उसके बाद हुबहू नकली नोट स्कैन कर लेते थे। वह पांच सौ या हजार के नोट तैयार नहीं करते थे। बल्कि सौ और पचास पर ही उनका फोकस रहता था। क्योंकि ऐसे नोटों पर कोई संदेह नहीं करता है। वहीं, यह नोट आसानी से मार्केट में चल जाते है।

पहली बार ऐसा गिरोह लगा हाथ
यह पहला मौका है जब शहर में कोई ऐसा गिरोह पुलिस ने दबोचा है, जो कि घर में नकली नोट छापकर मार्केट में चला रहे थे। पुलिस अब उनसे यह पूछताछ करने में लगी हुई है कि उन्होंने अब तक कितने नोट तैयार किए। साथ ही उनके साथ इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें