पंजाब के मोहाली जिले के गांव जवाहरपुर के नजदीक स्थित इंडस इंटरनेशनल अस्पताल से जुड़ा एक पैसों के लालच में किसी दूसरे की किडनी ट्रांसप्लांट करवाने का मामला सामने आया है। इस ठगी में पुलिस ने अस्पताल के कोऑर्डिनेटर अभिषेक के खिलाफ मामला दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सिरसा निवासी कपिल (28) ने पैसों के लालच में 10 लाख रुपये में सौदा तय किया। सोनीपत निवासी सतीश तायल के फर्जी कागजात तैयार करवाया और उनका नकली बेटा अमन तायल बनकर किडनी दे दी।
किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया छह मार्च को इंडस इंटरनेशनल अस्पताल में पूरी की गई। किडनी देने वाले कपिल के मुताबिक सतीश तायल का नकली बेटा बनने के सभी कागजात अस्पताल में कार्यरत कोऑर्डिनेटर अभिषेक ने तैयार करवाया था। अभिषेक ने उसे किडनी के बदले 10 लाख रुपये देने की बात कही थी।
पीड़ित का आरोप: चार लाख रुपये मिले
कपिल का आरोप है कि किडनी निकलवाने के बाद उसको घर भेजने के बजाय सिर्फ साढ़े चार लाख रुपये दिए गए और एक कमरे में बंद कर दिया गया। साढ़े चार लाख रुपये मिलने के बाद कपिल ने चार लाख रुपये अपने दोस्त की सलाह पर दोगुना करने के लालच में गंवा दिए। अब उसके पास न पैसे बचे हैं और न किडनी। दोनों तरफ से झांसे में आकर लूट जाने के बाद कपिल ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर शिकायत की।
पुलिस ने उसे छुड़वाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। कपिल को असली बेटा दिखाने के लिए असली परिवार के साथ फोटो खिंचवाकर रिकॉर्ड में डाल दिया। वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी फर्जी बनाया गया। रिकॉर्ड के साथ गांव पंचायत के दस्तावेज भी लगाए गए थे। यहां तक कि ब्लड रिपोर्ट में भी हेराफेरी की गई है। इस मामले में पुलिस ने राम नारायण निवासी उत्तर प्रदेश, अस्पताल के दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर इंडस अस्पताल में कार्यरत कोऑर्डिनेटर अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।