गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग जब अपनी दुकानों से बाहर निकले तो देखा नरेंद्र सड़क पर तड़प रहा है। लोगों की सहायता से नरेंद्र को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक सवार तीनों हमलावर फरार हो गए। हालांकि, हमलावरों की एक बाइक मौके पर छूट गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
दो साल बाद हालात सामान्य हो गए थे
नरेंद्र की पत्नी पूजा ने बताया कि शादी करने के बाद कुछ परेशानियां आई थीं। कई बार पंचायत हुई थी। मामला पुलिस के संज्ञान में लाया गया था। पंचायत में लिखित समझौता हुआ था। तब पूजा के पिता और परिजनों ने लिखकर दिया था कि भविष्य में नरेंद्र और पूजा कहीं भी रहें उन्हें एतराज नहीं होगा। दो साल बीत जाने के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। पूजा के पिता भी उसके पास आते रहते थे। अन्य परिजनों से भी बातचीत होती रहती थी।
गांव के सरपंच सुरेश ने बताया कि नरेंद्र का एक और बड़ा भाई है, वह अविवाहित है। नरेंद्र के माता-पिता खेती करते हैं। पूजा के भाई सचिन की उम्र करीब 18 वर्ष है। सचिन के माता-पिता भी खेती करते हैं। करीब 6 माह पूर्व सचिन के ताऊ की बेटी की शादी में भी सचिन का किसी से झगड़ा हो गया था। उस मामले में भी उसे कुछ दिन जेल में रहना पड़ा था। सचिन 11वीं कक्षा का छात्र है। वहीं वारदात में शामिल सचिन के मामा का बेटा राजली गांव का निवासी बताया जा रहा है।
मामले में पीड़िता के भाई का नाम सामने आ रहा है। पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 5 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें सीआईए, एवीटी, बरवाला थाना पुलिस व अन्य हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - गंगाराम पूनिया, एसपी, हिसार।
दसवीं तक पढ़ा था नरेंद्र
नरेंद्र की पत्नी पूजा ने बताया कि नरेंद्र दसवीं तक पढ़ा था। नरेंद्र से शादी करने के बाद कुछ परेशानियां आई थीं, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। मेरे पिता भी हमारे पास आते रहते थे। अन्य परिजनों से भी बातचीत होती रहती थी। शनिवार को सचिन नरेंद्र से मिलने आया तो नरेंद्र ने मुझे चाय बनाने के लिए कहा और बताया कि सचिन और अन्य लोग आए हैं। मैंने चाय बनाकर दी।
उन्होंने चाय पी या नहीं इसका पता नहीं चल पाया। सचिन ने नरेंद्र से कहा था कि उसकी बाइक में कुछ दिक्कत है तो उसे देख ले। नरेंद्र बाइक को ठीक करने के लिए औजार लेकर गया और बाइक को चेक करने लगा। तभी धमाके की आवाज आई तो मैंने नीचे देखा। सचिन पैदल ही भाग रहा था और नरेंद्र जमीन पर पड़ा तड़प रहा था। मुझे समझते देर नहीं लगी की मामला क्या है। मैं दौड़कर नीचे आई तब तक आसपास के लोग भी दुकानों से बाहर आ चुके थे।