जिला अदालत सेक्टर-43 की पार्किंग से रिश्वत लेते पकड़े गए नगर निगम के पटवारी बलराज सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में 2 साल कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। उसे भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 व 13 (1) (डी) में यह सजा सुनाई गई है। बलराज को सीबीआई ने 13 फरवरी, 2013 को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।
निगम की बिल्डिंग ब्रांच में तैनात रहे बलराज ने यह पैसे एक मकान के मालिकाना हक ट्रांसफर के लिए एनओसी जारी करने की साइट वेरिफिकेशन रिपोर्ट शिकायतकर्ता के हक में बनाने के नाम पर मांगी थे।
इस मामले की शिकायत मनीमाजरा निवासी जसपिंदर सिंह ने दी थी। फरवरी 2013 में सीबीआई को शिकायत में उन्होंने कहा था कि निगम पटवारी बलराज उनसे मकान के मालिकाना हक ट्रांसफर के लिए एनओसी जारी करने के नाम पर दो लाख रुपये रिश्वत मांग रहा है।
इस पर सीबीआई ने शिकायत की जांच की और बलराज की रिश्वत की डिमांड को फोन पर रिकार्ड कर लिया। इसके बाद उन्होंने ट्रैप बिछाया और फोन पर जसपिंदर और बलराज के बीच रिश्वत की रकम एक लाख रुपये तय हुई। इसे दो किश्तों में देने की बात तय हुई थी।
बलराज ने शिकायतकर्ता को पहली किश्त के तौर पर 50 हजार लेने के लिए जिला अदालत की पार्किंग में बुलाया। यहां सीबीआई ने उसे रिश्वत लेते दबोच लिया था। जांच एजेंसी ने बलराज के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। सीबीआई ने बलराज के पंचकूला में स्वास्तिक विहार स्थित घर में छापा मारा था। वहां से सीबीआई को प्रॉपर्टी संबंधी कई कागजात मिले थे।