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...कहीं प्रेम-प्रसंग विवाद तो नहीं विकास की मौत का कारण

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डीसीपी के कमेंट से शहर की कानून व्यवस्था कटघरे में
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- पंचकूला पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
- रंजिश, लेनदेन और प्रेम प्रसंग के एंगल पर पुलिस कर रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर-7 स्थित मेजर संदीप सागर गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मुख्य गेट पर सोमवार दोपहर दिनदहाड़े चाकू घोंपकर की गई 11वीं के स्टूडेंट विकास की हत्या का कारण कहीं प्रेम-प्रसंग तो नहीं है। पंचकूला पुलिस हत्या की वारदात को इस एंगल से जांच कर रही है। वहीं, पुलिस इसके अलावा लेनदेन और आपसी रंजिश के एंगल से भी केस को देख रही है। वारदात के पीछे की सच्चाई कुछ भी हो लेकिन घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है, क्योंकि देर रात इस मामले में अधिकारियों के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लगे थे। हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी युवक बच नहीं पाएंगे। वह बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।

पुलिस खंगाल रही मोबाइल
सेक्टर-5 थाना पुलिस ने मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उसे खंगाला शुरू कर दिया है। पुलिस व्हाट्स एप चैट और कॉल डिटेल्स निकलवा कर पता लगा रही है कि वारदात से पहले विकास की किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी और क्या हुई थी। पुलिस को अंदेशा है कि जिन युवकों ने वारदात को अंजाम दिया है उन्होंने विकास से बात जरूर की होगी। यदि ऐसा है तो वह आसानी से उन तक पहुंच सकती है।
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डीसीपी के कमेंट से कानून व्यवस्था कटखरे में
पंचकूला पुलिस की कानून व्यवस्था पर सोमवार को उस समय सवालिया निशान लग गया, जब वारदात के बाद विभाग के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने व्हाट्स एप ग्रुप पर तल्ख टिप्पणी की। वारदात के चंद मिनट बाद पंचकूला डीसीपी ने व्हाट्स एप पर कमेंट कर तंज कसा कि क्या पंचकूला पाकिस्तान में है, जो इस तरह की हत्या की वारदात दिनदहाड़े लगातार हो रही है। इसके बाद पुलिस के होश उड़ गए। उन्होंने मामले की जांच तेज कर दी।

विकास की मां बोली, खून के बदले खून
सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में बेटे विकास के शव को देख मां बिलखती हुई बोली कि वह बेटे का संस्कार तब तक नहीं करेंगी, जब तक हत्या करने वाले युवक को मार नहीं दिया जाता। हालांकि मौके पर मौजूद परिजनों ने किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया।

स्कूल प्रबंधन शक के घेरे में
हत्या के बाद स्कूल प्रबंधन भी शक के घेरे में आ गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वारदात के बाद स्कूल टीचर ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें भगाया क्यों। इसके अलावा जिस स्टूडेंट के साथ विकास का विवाद हुआ था स्कूल प्रबंधन उसे पुलिस के सामने क्यों नहीं लेकर आया। हालांकि कुछ लोगों का ये भी कहना था कि स्कूल की बदनामी के डर से प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी है।
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योजनाबद्ध तरीके से की वारदात
हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले युवक शातिर किस्म के हैं। वह स्कूल में छुट्टी होने से करीब आधे घंटे पहले ही गेट पर पहुंच गए थे। किसी को शक न हो इसके लिए वह एक ऑटो में बैठकर विकास के बाहर आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद जैसे ही विकास बाहर आया उन्होंने ताबड़तोड़ दो बार इसके पेट में चाकू घोंप दिया। इसके बाद दो लोग दाईं और दो लोग बाएं तरफ भाग निकले। ऐसा इसलिए ताकि यदि कोई पीछा करे तो वे पकड़ में न आएं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दो युवक तो स्कूल से पास स्थित एक मकान में घुस गए थे। हालांकि कुछ देर बाद वह भाग निकले।
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