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ायपुररानी

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अस्पताल में रात को ड्यूटी पर तैनात नशे में धुत महिला डॉक्टर ने काटा हंगामा
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- रायपुररानी सिविल अस्पताल में एमओ के पद पर तैनात है महिला डॉक्टर
- पंचकूला सिविल सर्जन की ओर से गठित कमेटी सदस्यों ने मरीजों के परिजनों के बयान किए दर्ज

अमर उजाला ब्यूरो
रायपुररानी।
सिविल अस्पताल रायपुररानी में रात के समय ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर ने नशे की हालत में जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान घायलों और मरीजों के साथ आए परिजनों को काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ा। महिला डॉक्टर डॉ. अमृत पाल इतनी नशे की हालत में थी कि इलाज तो दूर उसका बैठना भी मुश्किल हो रहा था। वहीं, रात के समय इमरजेंसी वार्ड में इलाज करवाने के लिए पहुंचे मरीजों के परिजनों के साथ बदतमीजी से पेश आने पर मामला और ज्यादा बढ़ गया। इस दौरान सिविल अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर (एमओ) के पद पर तैनात महिला डॉ. अमृत पाल ने मौके पर कवरेज करने पहुंचे कुछ पत्रकारों से भी गाली-गलौच करते उन्हें धमकियां देनी शुरू कर दी और पत्रकारों पर ही शराब के नशे का आरोप लगाने लगी।

मेडिकल कराने पहुंची पुलिस के आने पर हुई फरार
रायपुररानी निवासी रोहित मोगा, गुलशन कुमार व सुधांशु ने बताया कि हम रात को दो मरीज लेकर अस्पताल आए तो नशे में धुत महिला डॉक्टर ने एक वर्षीय बीमार बच्ची को फर्श पर बैठाने की जिद की। जिसके बाद नशा ज्यादा होने के कारण महिला डॉक्टर बोलने और चलने में भी असमर्थ दिखी। इस दौरान मौके पर मौजूद परिजनों और अन्य लोगों ने इसकी शिकायत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और विभाग के उच्चाधिकारियों से की। जिसके बाद मेडिकल कराने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस को आता देख देख एमओ डॉ. अमृत अस्पताल से फरार हो गई।
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नशेड़ी डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग की
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से महिला डॉक्टर की नियुक्ति रायपुररानी अस्पताल में की हुई है जिसे जनता व अस्पताल का स्थानीय प्रबंधन कई बार ट्रांसफर की मांग कर चुका है। वहीं इस पूरे प्रकरण की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर मामला चर्चा का विषय बना रहा। रायपुररानी अस्पताल के एसएमओ संजीव गोयल ने बताया कि पूरा मामला सीसीटीवी में भी कैद हो चुका है व मैने पंचकूला सिविल सर्जन को रात ही सूचित कर दिया था। गोयल ने बताया कि सिविल सर्जन की ओर से गठित कमेटी सदस्यों ने अस्पताल पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। घटना के समय मौके पर मौजूद मरीजों के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। रिपोर्ट अनुसार अस्पताल के एसएमओ, स्टाफ व अन्य डाक्टर ने अपने बयान में तुरंत प्रभाव से आरोपी महिला डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने की मांग की है।
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