रोहतक और नोएडा के ध्यानार्थ
लॉरेंस बिश्नोई को पांच दिन का रिमांड
राजस्थान की अजमेर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस
अस्पताल से कैदी दीपक को भगाने के मामले का है मास्टरमाइंड
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
करीब डेढ़ महीने पहले घुटने के दर्द के बहाने पहुंचे कैदी को सिविल अस्पताल से भगाने में की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई को बुधवार को पंचकूला की जिला अदालत में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। पुलिस के मुताबिक जोधपुर में फिरौती मांगने और गोली चलाने के आरोप में राजस्थान पुलिस ने लॉरेंस को गिरफ्तार किया था। बुधवार को उसे अजमेर की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर अदालत में पेश किया गया। रिमांड के दौरान कई आपराधिक मामले सुलझने की उम्मीद है।
16 जून, 2017 को अंबाला जेल से कैदी दीपक को पंचकूला के सिविल अस्पताल लाया गया था। इस दौरान वहां आए कुछ बदमाश पुलिस कर्मियों की आंखों में स्प्रे और मारपीट कर कैदी दीपक को छुड़ाकर फरार हो गए थे। कैदी को पकड़ने के लिए पीछा करते हुए एक जवान पर आरोपियों ने गोली भी चलाई। मामले में चंडीगढ़ निवासी एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जबकि फरार कैदी के साथ रह रहे दो कैदियों से पूछताछ के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। कैदियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कैदी को भगाने की साजिश लॉरेंस बिश्नोई ने रची है। उसके इशारे पर संपत नेहरा और अन्य साथियों ने दीपक को पुलिस के कब्जे से छुड़ाया है। लॉरेंस इससे पहले भी पंजाब और राजस्थान में भी आपराधिक वारदात कर चुका है। बता दें कि जोधपुर में एक ट्रेवल एजेंट और डॉक्टर पर फायरिंग के आरोप में अजमेर की जेल में बंद लॉरेंस को पंचकूला पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। हत्या के एक मामले में पिछले सप्ताह चंडीगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनका ताल्लुक बिश्नोई गैंग से हैं। लवी दयोड़ा नाम के युवक की हत्या के आरोप में चंडीगढ़ के सेक्टर-63 से इन्हें गिरफ्तार किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद सामने आई सच्चाई
फरार कैदी दीपक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। लेकिन कैदी का सुराग नहीं मिला। पूरा घटनाक्रम सिविल अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। जिस आधार पर पुलिस तमाम पहलुओं की छानबीन कर रही है। मामले में चंडीगढ़ पुलिस के एक कर्मी के बेटे संपत नेहरा सहित अन्य की तलाश जारी है।