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उजाले में फरार हुए बदमाश, देर रात तक चला सर्च अभियान

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सामने आए तो नहीं पकड़ा, बाद में चलाया सर्च ऑपरेशन
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चंडीगढ़ में फायरिंग कर भागे बदमाशों को सकेतड़ी में देर रात ढूंढती रही पुलिस
फोन बंद होने से पुलिस को नहीं मिला आरोपियों का सुराग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
कमजोर सुरक्षा इंतजामों का फायदा उठाकर भागने वाले आरोपियों का पुलिस को अब तक सुराग नहीं मिला है। हालांकि सोमवार को दिन के उजाले में जिन आरोपियों के सामने आने पर पुलिस नहीं पकड़ सकी, उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में देर रात तक सर्च अभियान चलाया गया। चंडीगढ़-पंचकूला पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाना इस बात को साबित कर देता है कि ट्राइसिटी में सुरक्षा को लेकर पुलिस कितनी संजीदा है।
चंडीगढ़ में छात्र संगठनों के बीच आपसी लड़ाई के बाद फॉरच्यूनर में सवार कुछ युवक पंचकूला की तरफ भागे। इसी दौरान सकेतड़ी के पास तेज रफ्तार फॉरच्यूनर पलट गई। इसके बाद कार से असलहे लेकर चार आरोपी फरार हो गए। सवाल है कि आखिरकार चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस की मौजूदगी के बाद भी आरोपियों को उस वक्त क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की गाड़ी से एबीवीपी के स्टिकर भी मिले थे।
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प्रत्यक्षदर्शी ऑटो चालक ने बताया कि पुलिस को दो बदमाशों को दिखाए जाने के बाद भी उन्हें न तो पकड़ा गया और न ही हवाई फायर कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गइ।

आखिर किस दबाव में नहीं पकड़े आरोपी
आरोपियों की फॉरच्यूनर के पलटने के बाद वहां से करीब 200 मीटर की दूरी तक झाड़ियों में प्रवेश कर चारों आरोपी जंगल में फरार हुए। इस दौरान वहां पुलिस भी पहुंचीं। लेकिन आरोपियों को नहीं पकड़ा गया। आरोपी आपसी विवाद के बाद एक साथ चार-पांच असलहे लेकर पंचकूला की सीमा में कैसे दाखिल हुए। पंचकूला में फिर सुरक्षा को लेकर पुलिस धब्बा लगा है। आरोपियों के सामने से फरार होने के बाद भी उन्हें नहीं पकड़ा गया, इसके पीछे पुलिस पर दबाव की भी आशंका जताई जा रही है।
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आरोपियों के मोबाइल फोन बंद
एमडीसी थाने के प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, लापरवाही से वाहन चलाने की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। देर रात तक जंगल में सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन किसी का सुराग नहीं मिल सका है। आरोपियों के मोबाइल बंद होने की वजह से लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस के पास जब आरोपियों के नंबर हैं तो उनके बारे में भी पूरी जानकारी होगी।
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