ड्रग्स तस्करी के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कालका और बरेली निवासी दो व्यक्तियों को 15-15 साल की सजा सुनाई है, जबकि दो सहआरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
इसके अलावा अदालत ने दोनों दोषियों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वालों में कालका निवासी पवन कुमार (43 वर्ष) और बरेली निवासी रूम सिंह (40) है। वहीं बरी होने वालों में गांव जोल्लूवाल, कालका (पंचकूला) का पूर्व सरपंच जीत सिंह और उसका भाई नायब सिंह हैं।
मामला मई 2013 का है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने सूचना के आधार पर 28 मई, 2013 को मनीमाजरा स्थित ढिल्लो थिएटर के पास हरियाणा नंबर की मारुति कार को रोका था। उसमें पवन और रूम सिंह सवार थे। जांच के दौरान कार में छिपाकर रखी गई 15 किलो 400 ग्राम अफीम बरामद हुई थी।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह बरेली के पास बिसरतगंज से यह खेप लेकर आ रहे थे। उन्हें यह खेप कालका के जोल्लूवाल गांव के पूर्व सरपंच जीत सिंह और उसके भाई नायब सिंह के पास पहुंचानी थी। पवन जीत सिंह का ड्राइवर था। वहीं जिस कार से अफीम बरामद हुई थी, वह रूम सिंह की थी।
जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। हालांकि एनसीबी के जांच अधिकारी अदालत में जीत सिंह और नायाब सिंह के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके। इस वजह से अदालत को उन्हें सबूतों के अभाव में बरी करना पड़ा।