जीरकपुर से 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है। अपहृत लड़की गीता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
बालाजी एनक्लेव निवासी बीरबल ने बताया कि वह कॉलोनी में छोले-पूरी की रेहड़ी लगाते हैं। एक दुकान में परिवार समेत रहते हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वीरवार रात परिवार के साथ सो रहे थे। सुबह उठकर देखा तो गीता गायब थी। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर बेटी की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत जीरकपुर थाने में दी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे जीरकपुर पुलिस थाना में बीरबल बेटी के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे, लेकिन वहां पर मुंशी और गेट पर संतरी के अलावा कोई नहीं था। मुंशी ने बीरबल को बताया कि उनके केस की जांच एएसआई जगीर सिंह के पास है, जो अभी बाहर हैं और वह रविवार सुबह आकर केस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह कहकर मुंशी ने उन्हें एफआईआर की कॉपी थमाकर वापस भेज दिया।
पिता ने बेटी के किडनैप होने का जताया शक
बीरबल ने मीडिया को बताया कि वह बहुत गरीब हैं। गीता लोहगढ़ स्थित सरकारी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ती है। बेटी के गायब होने के अगले दिन उन्होंने जीरकपुर-पटियाला हाईवे स्थित एक होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की। उसके अनुसार, रात करीब डेढ़ बजे एक गाड़ी बालाजी एन्क्लेव के अंदर दाखिल हुई और इसके बाद आगे से होकर निकल गई। जबकि उनकी बेटी को रात एक से दो बजे के बीच उठने की आदत है। वीरवार की रात गीता टॉयलेट करने उठी थी और इस दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति उसको अगवाकर ले गया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इस बारे में बताया, लेकिन पुलिस ने उन्हें एफआईआर की कॉपी थमाकर वापस भेज दिया।