30 मार्च को 12वीं का पेपर देने निकली छात्रा गायब हो गई। इंसाफ की आस लगाए पिता ने बिजली की तार पकड़कर जान देने की कोशिश की। घटना हरियाणा के रेवाड़ी की है। मामला दर्ज होने के बाद भी उसकी बरामदगी न होने पर परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ थाने का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। आक्रोशित पिता ने थाने के पास ही खंडहर भवन की दीवार पर चढ़कर ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन छूकर जान देने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उसे देख बचा लिया।
मामला उग्र होते देख थाने में काफी पुलिस बल तैनात रहा। थाने पहुंची एसपी के सात दिन में लड़की की बरामदगी के आश्वासन पर प्रदर्शन करने वाले शांत हो गए। 108 दिन से लापता बेटी की बरामदगी की मांग को लेकर परिजन क्षेत्रीय और राजस्थान से आए ग्रामीणों के साथ सोमवार सुबह दस बजे बाबल थाने पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव शुरू कर दिया। प्रदर्शन दोपहर तीन बजे तक किया गया। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद परिजन नहीं माने और एसपी से मिलने की जिद पर अड़े रहे।
करीब ढाई बजे एसपी नाजनीन भसीन थाने पहुंची और पीड़ित पक्ष को सुना। एसपी ने एसआई गठित करने के साथ ही सात दिन में बेटी को बरामद करने का आश्वासन दिया तब जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। लापता लड़की के चाचा का कहना है कि लापता होने के दिन से लेकर आज तक बावल पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। 30 मार्च को भी बावल पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की थी। महिला हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद रात 12 बजे मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद भी बावल पुलिस ने कुछ नहीं किया।