फगवाड़ा की 12 साल की लड़की ने अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। उपचार के दौरान लड़की की हालत में भी सुधार हुआ है। फगवाड़ा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि उसके साथ किसने दुष्कर्म किया है। पुलिस लड़की और उसके पिता को हिरासत में लेकर जांच कर रही है। लड़की को सोमवार को अदालत में पेश कर उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार फगवाड़ा पुलिस ने लड़की और उसके पिता दोनों को हिरासत में लिया है। लड़की को 26 मई को गुरुनानक देव अस्पताल में सेहत खराब होने पर लाया गया था। उसके पिता ने तब बताया था कि किसी ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। सात महीने तक वह पेट में दर्द होने की बात कहती रही। हम उसे दर्द निवारक दवा देते रहे लेकिन 26 मई को जब फगवाड़ा में जांच करवाई तो पुष्टि हुई कि वह सात माह की गर्भवती है।
इसके बाद लड़की को गुरु नानक देव अस्पताल रेफर किया गया था। फगवाड़ा पुलिस नाबालिग से पूछताछ कर रही थी लेकिन उसने कुछ बताया नहीं। एक जून को अचानक वह और उसके पिता अस्पताल से चले गए। अस्पताल प्रशासन ने फगवाड़ा पुलिस को इस संदर्भ में सूचित किया। शनिवार को दोनों दोबारा अस्पताल पहुंचे। इसके बाद फगवाड़ा पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और फगवाड़ा ले गई।
बच्चे को शिशु विभाग में रखकर उपचार किया जा रहा है। बच्चे का वजन आठ सौ ग्राम है। सात दिन उपचार के बाद हालत में कुछ सुधार हुआ है लेकिन वह पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं है।