जिला पुलिस प्रमुख गुरप्रीत सिंह तूर
पंजाब में नशे के खिलाफ मुहिम के तहत मोगा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ -2 के तहत 42 नशा तस्करों की 11 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई है। इसके अलावा 29 अन्य तस्करों की करीब 6 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई विचाराधीन है। एसएसपी गुरप्रीत सिंह तूर ने कहा कि इस जिले के कुल 73 नशा तस्करों की इस धंधे से अर्जित की करीब 17 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त (अटैच) करने के लिए जायदादों के विवरण एकत्रित कर केंद्र सरकार स्मगलर एंड फॉरेन एक्सचेंज मनीपुलेट्रेज विभाग, नई दिल्ली को भेजा गया था।
42 तस्करों की 11 करोड़ रुपये की जायदाद जब्त (अटैच) कर लिए गई है और अब वह संपत्ति अदालत की आज्ञा से बिना बेची या किसी ओर नाम पर तबदील नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बाकायदा राजस्व विभाग को रिकॉर्ड में लाल स्याही से इंदराज करने के लिए सूची सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर अपने काले कारनामों से बाज आएं और चिट्टे के व्यापारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बाकी नशा तस्करों की संपत्ति के विवरण एकत्रित करना शुरू कर दिया है, जिससे अदालतों में यह विवरण भेजकर नशा तस्करी स्रोत से अर्जित की संपत्ति कब्जे में लेने की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
थाना कोट ईसे खां के तहत नशे की तस्करी के लिए बदनाम गांव दौलेवाला के सबसे अधिक तस्करों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई हुई है। इनमें गांव दौलेवाला के तीन सगे भाइयों गिंदर सिंह और छिंदर सिंह और इंद्र सिंह के अलावा पिप्पल सिंह, हरसिमरन कौर, हरदेव सिंह उर्फ देव और नरिंदर निप्पी सभी निवासी मोगा सहित अन्य शामिल हैं।
बता दें कि पंजाब मंत्रिमंडल ने भी अवैध संपत्ति को जब्त करन के लिए पंजाब एक्ट 2017 (पंजाब फोरफीट आफ इलिंग स्क्वायर्ड प्रॉपर्टी एक्ट, 2017) की प्रवानगी दी हुई है और यह कानून बन जाने से राज्य सरकार की तरफ से नशे के खिलाफ शुरू की गई जंग में अधिकारियों को जायदाद जब्त (अटैच) करने की ताकते मिल जाएगी। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद आरोपी अपनी जायदाद बेच नहीं सकेंगे और न किसी के नाम तबदील करवा सकेंगे।