जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही का पुराना दो मंजिला भवन एक साथ धंस गया। इससे पूरा गुरुद्वारा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि सेवादार और दो बच्चों समेत करीब आठ लोग घायल हो गए।
मलबे में करीब चार लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। गुरुद्वारा धंसने से आसपास की करीब आधा दर्जन दुकान और एक निजी स्कूल की बिल्डिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे का कारण पुराने भवन के अंदर चल रहा निर्माण कार्य बताया जा रहा है। एक्सपर्ट ने बिल्डिंग के धंसने का कारण ओवरवेट बताया है। गुरुद्वारे में रातभर बचाव कार्य चलता रहा।
हादसा सोमवार दोपहर बाद करीब 4:25 बजे हुआ। गुरुद्वारा पहली पातशाही के पुराने भवन में निर्माण चल रहा था। इसी दौरान भवन का एक हिस्सा धंस गया। कुछ ही मिनटों में दो मंजिला गुरुद्वारा धंस गया। गुरुद्वारे का गुबंद भी गिर गया। गुरुद्वारे के भवन के धंसते ही आसपास के बाजार और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे और एसपी राहुल शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। सिख समुदाय के लोगों प्रशासनिक अमले के साथ बचाव कार्य शुरू किया। इसकी जानकारी लगते ही सीपीएस बख्शीश सिंह, परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी, भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी, करनाल एसपी जेएस रंधावा समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।