दिल्ली और अंडेमान निकोबार द्वीप के बाद बच्चों के साथ सबसे ज्यादा अपराध चंडीगढ़ में होता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने 2016 की रिपोर्ट जारी की है। इसमें बच्चों के साथ अपराध में 222 मामलों के साथ चंडीगढ़ को तीसरा रैंक दिया गया है, जबकि 2015 में 271 मामले दर्ज हुए थे।
बच्चों के साथ सबसे ज्यादा अपराध दिल्ली में होता है, जहां 8178 केस दर्ज हुए। दूसरे नंबर पर अंडेमान निकोबार द्वीप है, जहां से 86 केस सामने आए। हरियाणा में बच्चों के साथ अपराध के कुल 3099 मामले दर्ज हुए जो देश में 12वें स्थान पर है जबकि हिमाचल प्रदेश 22 और पंजाब 23वें नंबर पर है।
गौरतलब है कि ये आंकड़े और रैंक एनसीआरबी ने राज्यों और यूटी की आबादी के हिसाब से जारी किए हैं। चंडीगढ़ में भले ही किसी राज्य के हिसाब से कम अपराध हुआ, लेकिन आबादी के लिहाज से हुए क्राइम रेट के लिए इसे तीसरे स्थान पर रखा गया है। ये आंकड़े वाकई में चौंकाने वाले हैं क्योंकि बच्चों के साथ अपराध के अलावा बच्चों द्वारा किए गए अपराध में भी चंडीगढ़ तीसरे नंबर पर है। यानी चोरी या अन्य ऐसे अपराध, जिसमें नाबालिग आरोपी पकड़े गए, ऐसे 96 मामले शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हुए। पिछले साल यह आंकड़ा 100 का था। बच्चों की ओर से किए अपराध में भी दिल्ली 2499 मामलों के साथ पहले और 7369 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है।