-फिरौती, फायरिंग और संगठित अपराध से दहला शहर, भारतीय-पंजाबी समुदाय सबसे अधिक प्रभावित
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कंवरपाल
हलवारा। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरी शहर में बढ़ते संगठित अपराध ने प्रशासन से लेकर आम नागरिकों तक की चिंता बढ़ा दी है। फिरौती वसूली, लक्षित गोलीबारी और गैंगवार की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरी की मेयर ब्रेंडा लॉक ने संघीय सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की है। सोमवार रात 27 जनवरी को हुई नगर परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर प्रांतीय और संघीय सरकार को भेजा गया।
मेयर ब्रेंडा लॉक ने कहा कि सरी जबरन वसूली, धमकी और लक्षित हिंसा की गंभीर व निरंतर बढ़ती समस्या से जूझ रहा है। शहर के कारोबारी और परिवार डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर सरी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के साथ-साथ कनाडा की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा खतरे में है और केंद्र सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे।
नगर परिषद के प्रस्ताव में खास तौर पर उल्लेख किया गया है कि भारतीय, विशेषकर पंजाबी समुदाय इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित है। मेयर के मुताबिक फिरौती और हिंसा के कारण कई परिवारों व कारोबारियों को शहर छोड़ना पड़ा है। इसे उन्होंने जबरन पलायन का संकट बताया और कहा कि इससे निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतिक्रिया जरूरी हो गई है।
क्या-क्या सिफारिशें
प्रस्ताव में सरी में आरसीएमपी, संघीय संगठित अपराध इकाई और खुफिया संसाधनों की तत्काल तैनाती की मांग की गई है। जरूरत पड़ने पर सरी पुलिस चीफ को सेना बुलाने का अधिकार देने, संघीय-प्रांतीय-नगरपालिका संयुक्त कार्यबल बनाने, संगठित अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और दोषी गैर-नागरिकों को शीघ्र निष्कासित करने की सिफारिश भी शामिल है। साथ ही जबरन वसूली मामलों की समन्वित वित्तीय जांच और दोषियों की पहचान सार्वजनिक करने की अनुमति देने की बात कही गई है।
जनवरी में 40 मामले, तीन की मौत
कनाडा के इमीग्रेशन व कानूनी मामलों के विशेषज्ञ सतवंत सिंह तलवंडी के अनुसार 1 से 27 जनवरी के बीच सरी में फिरौती की कोशिशों के 40 मामले सामने आए हैं। इनमें गोलीबारी की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कई भारतीय-पंजाबी कारोबारी सरी या कनाडा छोड़ चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गिरोह खास तौर पर भारतीय-पंजाबी समुदाय को निशाना बना रहे हैं। भारत की जेलों से संचालित लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को कनाडा पुलिस आतंकी घोषित कर चुकी है और अधिकतर मामलों में उसी का नाम सामने आ रहा है। हालांकि राष्ट्रीय आपातकाल को मंजूरी मिलना आसान नहीं माना जा रहा फिर भी इसे पीड़ित समुदाय के दबाव में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है जिससे सरी के लोगों में नई उम्मीद जगी है।