यादव के अनुसार अक्टूबर 2019 में हत्या के मामले 99 से घटकर 86 रह गए जबकि हत्या के प्रयास के मामलों की संख्या 77 से कम होकर 66 हुई। इसी प्रकार, बलात्कार की 37 घटनाएं कम हुई जो 2018 में दर्ज 156 से घटकर 119 रह गई।
अपहरण मामलों की संख्या 330 से घटकर 296, गलत तरीके से कैद की घटनाएं 167 से कम होकर 96 व दंगों आदि के मामले 273 से कम होकर 256 रह गए। अक्टूबर 2019 में सरकारी कार्य में बाधा व कर्मचारी पर हमले से संबधित 56 केस दर्ज किए गए, जबकि 2018 में यह आंकडा 88 था।
मनोज यादव ने बताया कि अक्टूबर 2019 में भी डकैती, लूट, स्नैचिंग, सेंधमारी और चोरी जैसे संपत्ति से संबधित अपराध के मामलों में भी 2018 की इसी अवधि की तुलना में कमी देखी गई। डकैती के मामले 19 से कम होकर 8 रह गए, लूट के 107 से घटकर 89, स्नैचिंग के 243 से कम होकर 184, सेंधमारी के 646 से कम होकर 566 व चोरी की घटनाएं 2245 से घटकर 2020 रह गई।