करनाल। करनाल शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं। शहर के लोगों को हर प्रकार जरूरी और सार्वजनिक सुविधाएं आसानी से मिलें, इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी एक सप्ताह के अंदर-अंदर होने वाले विकास कार्यों की रिपोर्ट बिना किसी लापरवाही के प्रस्तुत करें, ताकि सरकार के निर्देशों को पूर्ण रूप से अमलीजामा पहनाया जा सके। जो अधिकारी समय पर काम नहीं करेंगे, वे कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
उपायुक्त डॉ. जे गणेशन ने सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में करनाल के सौंदर्यीकरण में शामिल विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि करनाल शहर को प्रदेश का एक मॉडल शहर बनाना है।
इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि शहर साफ-सुथरा हो, शहर के नागरिक रोजाना घर से निकलने वाला कूड़ा सही स्थान पर डालें व शहर को साफ-सुथरा करने के लिए नागरिक प्रशासन का सहयोग करें। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों को कहा कि वह शहर की सफाई के साथ-साथ वह एक कॉलोनी का चयन करके उसको मॉडल रूप बनाएं, वहां सफाई का हर प्रबंध करें ताकि अन्य लोगों को यह दिखाया जा सके कि शहर की सफाई इस तर्ज पर होनी है।
उपायुक्त ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाने के लिए लोगों को सभी जरूरत की सुविधाएं मिलें। शहर में उचित स्थानों पर पार्किंग हो, शहर के प्रबुद्ध लोगों से मिलकर इसकी योजना बनाई जाए।
शहर में यातायात बाधित न हो इसके लिए रोड मैप तैयार किया जाए, शहर में सिटी बस सर्विस दी जानी है और लोगों की सुविधा अनुसार बस स्टाफ बनाने हैं, इन बस स्टाफों पर लोगों की सुविधा अनुसार क्यूसेक सेंटर व शौचालय की सुविधा देनी है इसके लिए भी सर्वे किया जाए। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को कहा कि शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी हैं, इसके लिए प्रबंध सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने कहा कि करनाल शहर के स्टेडियम को आधुनिक बनाया जाना है, यहां पर खिलाड़ियों के लिए सभी खेलों की उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जानी हैं इसके लिए भी तैयारियां समयबद्ध तरीके से हों। इसके अतिरिक्त करनाल में ही ओडोटोरियम भी बनना प्रस्तावित है इसके लिए भी पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
एंट्री गेट का होगा सौंदर्यीकरण
उपायुक्त ने कहा कि लोगों को लगे कि उनकी एंट्री करनाल में हुई है इसलिए एंट्री गेट का सौंदर्यीकरण हो और वहां से ही फोर लाइनिंग सड़कें बनाई जाएं। शहर की सभी सड़कों को मॉडर्न बनाया जाना है। इस पर भी शीघ्र कार्य आरंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर के भीड़भाड़ के क्षेत्र में दुकानदारों, रेहड़ियों द्वारा सड़कों पर अतिक्रमण किया हुआ है इसको भी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के सहयोग से हटवाने की योजना बनाई जाए, ताकि शहर के लोगों को भीड़भाड़ से निजात दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि शहर में रेहड़ी वालों के लिए भी अलग से जगह देने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए भी जगह तलाश करने की जरूरत है इसकी भी रिपोर्ट सर्वे करके तुरंत बनाई जाए।
बाधा डालने वाले पोल हटाएं
उपायुक्त ने कहा कि शहर में कई जगह भीड़भाड़ के स्थान पर बिजली के ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिनसे यातायात बाधित होता है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उन्हें उचित स्थान पर लगाने की व्यवस्था करें। उन्होंने हुडा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सेक्टरों की सड़कों पर फड़ी व रेहड़ी न लगने दें, इसके लिए अलग से जगह तय की जाए।
एसडीएम भी कराएं सर्वे
उन्होंने कहा कि ई-दिशा केंद्र बनाया जाना है। हुडा के अधिकारी उचित स्थान का सर्वे करके इसकी जानकारी एक सप्ताह में दें। उपायुक्त ने सभी उपमंडाधीशों को कहा कि उनके अधीन आने वाली सभी नगर पालिकाओं में सर्वे करवाकर वहां होने वाले विकास कार्यों की रिपोर्ट भी एक सप्ताह के अंदर-अंदर भेजें, ताकि आगामी कार्रवाई के लिए सरकार के पास रिपोर्ट भेजी जा सके। इस अवसर पर एसडीएम करनाल राजीव मेहता, नगर निगम के आयुक्त रमेश महलान, संपदा अधिकारी हुडा शक्ति सिंह, नगर निगम के एमई ओपी सिहाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कॉलोनी का करें चयन
उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों को कहा कि वह शहर की सफाई के साथ-साथ वह एक कॉलोनी का चयन करके उसको मॉडल रूप बनाएं, वहां सफाई का हर प्रबंध करें, ताकि अन्य लोगों को यह दिखाया जा सके कि शहर की सफाई इस तर्ज पर होनी है।
आधुनिक होगा स्टेडियम
उपायुक्त ने कहा कि करनाल शहर के स्टेडियम को आधुनिक बनाया जाएगा है, खिलाड़ियों के लिए सभी खेलों की उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी, करनाल में ऑडिटोरियम भी बनना प्रस्तावित है, इसके लिए संबंधित अधिकारी पूरा होम वर्क कर लें।