क्राफ्ट मेले में दूसरे दिन हिमाचल का सिरमौरी नाटी, लेह का जबरो, उत्तराखंड का चपेली, पंजाब का गिद्दा व भागंड़ा, कश्मीर का रौफ, राजस्थान के कलबेलिया आदि लोक नृत्यों की झलक देखने को मिली।
पहले दिन की अपेक्षा अधिक लोग मेले का मजा लेने पहुंचे। गोहाना का जलेब चंडीगढ़ के लोगों को खूब पसंद आ रहा है। इस बार मेले में पश्चिमी भारत के राज्यों की संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
गुजरात, गोआ, महाराष्ट्र और राजस्थान से आए शिल्पकारों ने अपनी वस्तुएं प्रदर्शित कीं। इन राज्यों का हैंडीक्राफ्ट, फर्नीचर, कपड़े और लैदर की आइटम्स लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
40 हजार की पेंटिंग
उड़ीसा से आए चिनमय ने बताया कि लोग उनके स्टॉल की पेंटिंग को काफी पसंद कर रहे हैं। यहां 35 से 40 हजार की पेंटिंग्स बिक रही हैं जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
चिनमय ने बताया कि इन पेंटिंग्स को पटचित्र कहा जाता है। इनमें गणेश भगवान के जीवन, महाभारत और रामायण से जुड़ी पूरी कहानी चित्रों के जरिये अंकित की गई हैं।
राजस्थान के पुराने सिनेमा का क्रेज
राजस्थान के पुराने सिनेमा ने लोगों को खूब आकर्षित किया। लोगों में इसे देखने का खासा क्रेज था। बदरी भट्ट ने बताया कि आज की पीढ़ी को तो इसके बारे में पता ही नहीं होगा, लेकिन पुराने जमाने के लोग इसको लेकर काफी उत्साहित दिखे। इसमें बायोस्कोप के जरिए पुरानी फिल्में दिखाई जा रही थीं।