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क्राफ्ट मेला आज से

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चंडीगढ़। कलाग्राम में शुक्रवार से 11वां चंडीगढ़ नेशनल क्राफ्ट मेला शुरू हो रहा है। इस बार के मेले की थीम ‘वेस्ट टू ईस्ट’ रहेगी। मेले में पहली बार नागालैंड, ओडिशा और तमिलनाडु के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस बार के मेले में तेलंगाना की जकात साड़ी, राजस्थान के ब्लॉक प्रिंटिंग सूट, बनारस की साड़ियां-दुपट्टे और खाने में हैदराबादी बिरयानी खास रहेगी। कलाप्रेमियों के लिए तमिलनाडु की तंजौर पेंटिंग और ओडिशा के ग्रास व फाइबर के आइट्म आकर्षक होंगे।
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इस बार मेले में 20 राज्यों से आए लगभग एक हजार से ज्यादा कारीगर, बुनकर और कलाकार 200 से ज्यादा स्टॉल लगा रहे हैं। इससे पहले करीब 190 स्टाल लगते थे। 17 राज्यों से आए कलाकार 41 तरह के लोकनृत्यों से मेले में भारत की कला के रंग बिखेरेंगे। ये कलाकार सुबह से शाम तक अपनी प्रस्तुति देंगे। मेला हर रोज सुबह 10 से लेकर रात 11 बजे तक चलेगा। स्टाल के अतिरिक्त शाम के वक्त नामचीन सिंगर अपनी लाइव प्रस्तुति देंगे। मेले में लाइव पेंटिंग के लिए एक कॉर्नर रखा गया है। इसमें देशभर से 10 आर्टिस्ट हिस्सा ले रहे हैं। मेले में चंडीगढ़ ललित कला अकादमी की तरफ से रिदमिक पास्ट नाम से प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। ये प्रदर्शनी राजस्थानी कलाकार की है। मेले का उद्घाटन शुक्रवार शाम को 5 बजे यूटी के होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। क्राफ्ट मेला लगातार 10 दिन तक 24 नवंबर तक चलेगा। नेशनल क्राफ्ट मेले में अमर उजाला मीडिया पार्टनर है।
सिर्फ चार दिन सस्ती रहेगी टिकट
क्राफ्ट मेले में आम दिनों में टिकट 30 रुपये की होगी। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को टिकट के लिए 50 रुपये देने होंगे। इसके अलावा मेले में झूलों का लुत्फ लेने के लिए अलग से टिकट लेनी होगी। मेले में आने वाले लोगों के लिए पेट्रोल पंप के पीछे बीएसएनएल ग्राउंड और गेट नंबर-1 के पास पार्किंग बनाई गई है।
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25 बंगाली कारीगरों ने सजाया क्राफ्ट मेला
इस बार मेले की थीम ‘वेस्ट टू ईस्ट’ है। मेले के सभी गेट थीम पर आधारित बनाए गए हैं। पूरे मेला ग्राउंड में इस बार स्टैच्यू लगाए गए हैं। जो देशभर के विभिन्न राज्यों के आदिवासी कल्चर को प्रदर्शित कर रहे हैं। इन स्टैच्यू और गेट को बंगाल के 25 कारीगरों ने मिलकर तैयार किया है।
खाने में ये होगा खास
मेले में झूलों और क्राफ्ट्स के अलावा फूड लवर्स के लिए भी कई स्टॉल्स लगाई गई हैं। इसमें राजस्थानी थाली, दाल बाटी चूरमा, बीकानेर और जोधपुर की चाट व मिठाइयां, हरियाणा के गोहाना का जलेब, हैदराबादी बिरयानी, पंजाबी मक्की रोटी व सरसों साग, चाइनिज फूड, आइसक्रीम और सिटको की स्टॉल मुख्य होंगी।
पंजाब का जिंदुआ और मणिपुर ढोल चोलोम मचाएगा धूम
मेले में देश के विभिन्न राज्यों के कल्चर को दिखाते लोकनृत्य पेश किए जाएंगे। इसमें पंजाब का भांगड़ा व जिंदुआ, मणिपुर का ढोल चोलोम और थंगटा, जम्मू-कश्मीर का धमाली व डोगरी, हरियाणा का फाग व बीन-जोगी, राजस्थान का कालबेलिया व बहरूपिया, असम का बिहू, कर्नाटक का ढोलू कुनिता, महाराष्ट्र का लावणी और कोली मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे।
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