एक ओर जम्मू-कश्मीर तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल। कलाकार मंच पर उतरे तो शुरू हो गया सिद्धी धमाल।
यह सीन है क्राफ्ट मेले को जिसमें देशभर के 125 से ज्यादा शिल्पकार भाग ले रहे हैं। शिल्प ने चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल और यहां के अधिकारियों का दिल जीत लिया।
कलाग्राम में चंडीगढ़ प्रशासन और नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित चंडीगढ़ राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का उद्घाटन रंगारंग अंदाज में हुआ।
गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-11 की ममता जोशी का डिजाइन किया गया सिद्धी धमाल तो यहां कमाल ही कर गया।
कलाग्राम में इस मेले का उद्घाटन शाम साढ़े पांच बजे हुआ। जैसे ही गवर्नर मेले के लिए पहुंचे तो डेढ़ सौ आर्टिस्टों ने अपने अपने राज्यों की खास ड्रेस और नृत्य से उनका स्वागत किया।
गवर्नर के साथ चंडीगढ़ के गृहसचिव अनिल कुमार भी थे। चंडीगढ़ के कलाग्राम में आयोजित इस मेले में सौ से ज्यादा नेशनल अवार्ड विनर पहुंचे।
इसके अतिरिक्त तीस व्यक्ति ट्राइबल आर्ट को प्रमोट करने के लिए ट्राइबल अफेयर्स मिनिस्ट्री की ओर से आए हैं। मेले में 300 आर्टिस्टों ने परफार्म किया।
यहां गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, दादरा नगर हवेली, दमन व दीव और राजस्थान पर ध्यान दिया गया। मेले में 145 स्टॉल लगाए गए। इनके माध्यम से आर्टिस्टों ने अपने राज्य की खासियत को बताया।
बुद्ध लाजवाब, बंसी बेजोड़
प्रशासक शिवराज पाटिल उद्घाटन समारोह में जब कालंदी आर्ट्स के स्टाल पर पहुंचे तो उन्होंने यहां अष्टधातु से निर्मित गौतम बुद्ध की मूर्ति को देखकर हैरान रह गए। जब उनकी निगाह बंसी पर पड़ी तो बोल पड़े...बेजोड़।
कालंदी आर्ट्स की लीना सिंह ने कहा कि काम अभी बरसाने से आता है। जल्द ही वह बड़माजरा गांव में छोटी यूनिट लगाएंगी। इससे वह पंजाब के लोगों को सिखाएंगी।
पैसा फेंको-तमाशा देखो
अब बाई स्कोप का स्कोप खत्म बेशक हो गया है पर जब बच्चों की निगाह इस खास प्रकार के यंत्र पर पड़ी तो रंग ऐसा जमा कि सबको पछाड़ कर रख दिया।
चंडीगढ़ नेशनल क्राफ्ट मेले में राजस्थान के बद्री भट्ट बाइस्कोप के संग आए हैं। उनके बाइस्कोप पर फिल्म देखने के साथ ही स्टोरी और गाने का इंजॉय किया जा सकता है।
डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स हरियाणा और नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर द्वारा मेले में ट्रेनिंग कैंप लगाया गया है। इस कैंप में पंद्रह स्टूडेंट्स और पांच टीचर्स हैं।
यहां स्टूडेंट्स को मिनिएचर पेंटिंग के मास्टर हुकुम चंद पेंटिंग बनाना सिखा रहे हैं।
सामाजिक संदेश देती है कठपुतली
अजमेर से कठपुतली का खेल दिखाने आए बाबूलाल उजीरा ने बताया कि कठपुतली को बेशक लोग कम देखते हैं पर अब यह दूसरे काम आ रही है।
यह सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संदेश देने का काम करती है। वे कलाग्राम में मलेरिया, पोलियो और परिवार कल्याण का संदेश भी देंगे।
मोहाली के गैरी आर्ट्स ने लुभाया
मोहाली की गैरी आर्ट्स ने सबको अपना दीवाना बना लिया। यह फाइबर और मैटल पर आधारित कलाकृतियां हैं। इनको डिजाइन करवाया है जगप्रीत ने। गैरी आर्ट्स के जगप्रीत ने कहा कि इंटीरियर के लिए लोग इसको काफी पसंद करते हैं।
पश्चिम बंगाल का झूला
पश्चिम बंगाल से आया झूला यहां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। यह झूला लेकर आए हैं क्राफ्ट्समैन राजकुमार गिरी। उन्होंने बताया कि यह झूला जूट से बनाया जाता है जिसकी मजबूती बेजोड़ है। इसकी कीमत साढ़े आठ सौ रुपये है।