चंडीगढ़। शहर में कूड़े को लेकर चल रहे विवाद और असमंजस के माहौल में क्राफ्ड की कोर कमेटी की आपात बैठक बुलाई। इस मुद्दे पर नगर निगम और सफाई कर्मचारी यूनियन को छह सूत्रीय सुझाव सुझाए।
फेडरेशन के चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि प्राइवेट रेहड़ियों द्वारा कूड़ा उठाने वाले सफाई सेवकों को हड़ताल पर नहीं जाना चाहिए। नगर निगम की योजना के कार्यान्वित होने में अभी समय लगेगा। तब तक कोई न कोई हल निकल आएगा। मुख्य प्रवक्ता डॉ. अनीश गर्ग ने कहा कि नगर निगम को संपर्क सेंटरों के माध्यम से 10 से 15 किलो तक के बायोग्रेडेडिड हरे और नीले डिस्पोजेबल थैले रियायती दाम पर देने चाहिएं, ताकि नगर निगम की गाड़ियां कभी न आएं तो लोग उन थैलों में अपना कचरा बांधकर रख सकें।
कूड़ा उठाने वाले के परिवार में एक नौकरी देने की मांग
फेडरेशन के महासचिव रजत मल्होत्रा ने कहा कि नगर निगम इस योजना को लागू करते समय उन लोगों का ध्यान भी रखें जो वरिष्ठ नागरिक या दिव्यांग या कामकाजी है। वहीं हाउसिंग बोर्ड के मकानों में तीसरी व चौथी मंजिल पर रहने वाले लोगों का विशेष ध्यान रखना होगा। वहीं वाइस चेयरमैन सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि रेहड़ियों से कूड़ा उठाने वाले सफाईसेवकों के परिवार में से किसी एक व्यक्ति को नौकरी अवश्य दी जानी चाहिए।
अभी बंद न हों सहज केंद्र
वर्तमान स्थिति में 390 कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां इस शहर के कचरे का दबाव सहने में असमर्थ हैं। ऐसे में जब तक पूरी व्यवस्थाएं नहीं हो जाती, तब तक सहज सफाई केंद्र बंद नहीं किए जाने चाहिएं। -जीएस आहलूवालिया, सीनियर वाइस चेयरमैन
अभियान से करें जागरूक
आरडब्ल्यूए के सहयोग से लोगों को कूड़ा अलग करने की सही जानकारी देने के लिए फिर से अभियान चलाया जाना चाहिए। बाकी सदस्यों ने भी इस बारे में अपने सुझाव रखे। -धर्मपाल, जोनल सचिव