शराब पीने के शौकीन पंजाब वासियों के लिए बुरी खबर है। सरकार शराब पर एक नया टैक्स लगाने जा रही है। दरअसल, सरकार पंजाब की सड़कों पर लावारिस पशुओं की सुरक्षा और संभाल के लिए शराब पर अतिरिक्त सैस लगाने की तैयारी में है। राज्य में गउ सेवा सैस अस्तित्व में लाने की कवायद चल रही है। यह सैस शराब के अलावा नौ अन्य सेवाओं पर भी लगेगा। इससे जहां पशुओं की सुरक्षा के लिए धन जमा होगा, वहीं लावारिस पशुओं से लोगों को निजात भी मिलेगी।
स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी का कहना हैं कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समक्ष उठाएंगे। 25 मई तक राज्य की 33 म्युनिसिपल कमेटियों और सात नगर निगमों में गउ सेवा सैस लगाने की अधिसूचना जारी हो जाएगी। स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने बुधवार को नगर निगम के कमिश्नरों, डिप्टी डायरेक्टरों व विभाग के सचिव विकास प्रताप के साथ बैठक की। बैठक में तय हुआ कि इस संबंध में लोगों से एतराज निपटा चुके 33 म्युनिसिपल काउंसिल और सात नगर निगम में 25 मई तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा अन्य औपचारिकताएं 30 जून तक पूरी कर ली जाएंगी।
जानकारी के अनुसार गउ सेवा सैस अंग्र्रेजी शराब पर दस रुपये प्रति बोतल और बियर व देसी शराब पर 5-5 रुपये प्रति बोतल लगेगा। इसके लिए एक्साइज पालिसी में परिवर्तन किया जाएगा। तय नियमों के अनुसार म्युनिसिपल काउंसिल, कमेटियां या नगर निगम लावारिस पशुओं को एनजीओ या अन्य संस्थाओं की ओर से चलाई जा रही गउशाला को सुपुर्द करते हैं तो उन्हें उनके रखरखाव के लिए 30 रुपये प्रति दिन के हिसाब से भुगतान करेंगे। जो गउ सेवा सैस के जरिए किया जाएगा।
उल्लेखनीय हैं कि बठिंडा और एसएएस नगर पहले ही गउ सेवा सैस लगा चुका है। उल्लेखनीय है कि पंजाब में करीब 1.60 लाख लावारिस पशु सड़कों पर हैं, जबकि राज्य की 472 गउशालाओं में 2.69 लाख गउ धन है। लावारिस पशुओं की वजह से पिछले वर्ष 285 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।