हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।
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कोरोना संक्रमित हरियाणा के स्वास्थ्य और गृह मंत्री अनिल विज को पीजीआईएमएस रोहतक से मेदांता रेफर कर दिया गया है। दो बार प्लाज्मा और अन्य दवाएं देने के बाद भी उनके फेफड़ों में संक्रमण बना हुआ है। परिजनों ने संस्थान के इलाज से असंतोष जाहिर कर बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने की बात कही है। हालांकि पीजीआईएमएस प्रशासन ने बेहतर इलाज देने का दावा किया है।
पीजीआईएमएस में उपचाराधीन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को मंगलवार शाम साढ़े सात बजे मेदांता रेफर कर दिया गया। स्पेशल वार्ड में शनिवार रात 12 बजे पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री यहां तीन दिन भी नहीं रुके। परिजनों ने उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के कारण निजी अस्पताल ले जाने का फैसला लिया।
मंत्री के छोटे भाई राजेंद्र ने संस्थान के इलाज पर असंतुष्टि जाहिर की है। उन्होंने कहा कि दो दिन में उपचार के बाद भी स्वास्थ्य में किसी तरह का सुधार नहीं आया है। थोड़ा भी सुधार होता तो उन्हें निजी अस्पताल नहीं ले जाना पड़ता। शाम करीब साढ़े सात बजे एंबुलेंस के जरिये स्वास्थ्य मंत्री पीजीआईएमएस से निजी अस्पताल के लिए रवाना हुए।
हमने उन्हें हर संभव इलाज दिया गया। प्लाज्मा के अलावा एंटीबायोटिक भी दी जा रही हैं। उनके फेफड़ों में संक्रमण है। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पताल ले जाने की बात कही है। इसलिए एंबुलेंस के जरिये उन्हें भेजा है।
- डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, हेल्थ यूनिवर्सिटी।
धनखड़ ने जाना विज का हाल
इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ मंगलवार को पीजीआई पहुंचे। यहां उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वे पीपीई किट पहन कर उनके पास पहुंचे। यहां करीब 15 मिनट स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत की। जिला मीडिया प्रभारी तरुण सनी शर्मा ने बताया कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने गृह मंत्री का कुशलक्षेम जानने के बाद ईश्वर से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।