जिन मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है और जिनमें जान जाने का खतरा हो, उन्हें तुरंत आईसीयू में दाखिल करने के निर्देश हैं। ऐसे मरीजों को आईसीयू मैनेजमेंट के साथ दो दवाइयां भारत सरकार के निर्देश पर दिया जाना है। इनमें एक दवा हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन और दूसरी एजिथ्रोमाइसीन है, लेकिन इसके साथ यह भी कहा गया है कि इन दवाओं के देने के साथ मरीजों की खास निगरानी रखनी है। 12 साल की उम्र से छोटे बच्चों, गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओं को दवा नहीं देने के निर्देश हैं।
कई ऐसे होंगे, जो पॉजिटिव हुए और ठीक भी हो गए होंगे
पीजीआई के पल्मोनेरी डिपार्टमेंट के पूर्व एचओडी एसके जिंदल ने बताया कि इस फ्लू से ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है। वायरस नया है, इसलिए इम्युनिटी फाइट नहीं कर पा रही। 100 में से सिर्फ तीन लोगों की मौत होती है। 80-85 मरीजों को अस्पताल में दाखिल होने की आवश्यकता नहीं है।
15 मरीजों को दाखिल करने की आवश्यकता होती है। इनमें से भी 10-12 मरीज रिकवर कर जाते हैं। ऐसे कई मरीज होंगे, जो पॉजिटिव हुए और ठीक भी हो चुके होंगे। सिर्फ दो बातों का ध्यान रखें। पहला बचाव और दूसरा हेल्दी डाइट लेते रहे।