हरियाणा में कोरोना को महामारी घोषित कर दिया गया है। ऐसा करके प्रदेश यह घोषणा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। इससे पहले मंत्री विज ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की। बता दें कि हरियाणा में कोरोना का एक पॉजीटिव मामला गुरुग्राम में सामने आ चुका है।
हरियाणा सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। सभी सरकारी, निजी अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से महामारी के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए लू कॉर्नर बनाने होंगे। इस वायरस के प्रकोप और प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 की धारा 2, 3 और 4 का सहारा लिया है।
इसके तहत ‘हरियाणा महामारी सीओवीआईडी-19 विनियमन, 2020’ लागू किया गया है। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। यह अधिनियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक वर्ष की अवधि तक मान्य रहेगा।
संदिग्ध मामलों की जांच के दौरान सभी अस्पताल व्यक्ति की यात्रा का पूरा रिकॉर्ड दर्ज करेंगे। यदि वे कोरोना की रिपोर्ट वाले किसी भी देश या क्षेत्र से यात्रा करके आए हैं। कोरोना संदिग्ध या पुष्टि वाले व्यक्ति के संपर्क में आने वालों के इतिहास को भी दर्ज किया जाएगा। उन व्यक्तियों को भी संदिग्धों या पुष्टि वाले मरीज से मिलने के दिन से 14 दिन के लिए घर के भीतर ही अलग रखेंगे।
कोरोना की परिभाषा के अनुसार व्यक्ति रोगसूचक है तो उसे प्रोटोकॉल के अनुसार अस्पताल में अलग रखा जाएगा और वायरस के शिकार हैं या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए टेस्ट किए जाएंगे। सरकारी व निजी अस्पतालों को ऐसे सभी मामलों की जानकारी तुरंत सिविल सर्जन कार्यालय को देनी होगी।
यदि कोई व्यक्ति, संस्थान, संगठन अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करते हैं तो उसे भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 188 के तहत दंडित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और डीसी को किसी भी व्यक्ति, संस्था, संगठन को नियमों का उल्लंघन करने पर दंडित करने की शक्तियां दे दी गई हैं।