सजा से बचने के लिए दोषी ने कहीं ये बातें
सजा से बचने के लिए दोषी ने बोला कि वह एक गरीब व्यक्ति है। इससे पहले उसके ऊपर किसी भी प्रकार का केस नहीं है। उसके दो नाबालिग बच्चे हैं। जो स्कूल जाते हैं। उसकी पत्नी भी अनपढ़ है। पूरा परिवार उसी पर निर्भर है। उसके बाद परिवार को देखने वाला कोई नहीं है।
यह है पूरा मामला
एफआईआर के मुताबिक, मामला 25 फरवरी 2018 का है। जब आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बच्ची अपने बड़े भाई, भाभी और उनके दो बच्चों के साथ रह रही थी। कमलेश और बच्ची के परिवार एक दूसरे के आसपास झोंपड़ियों में रहते थे। शिकायत के अनुसार, घटना के दिन बच्ची के पिता घर पर नहीं थे। बच्ची अपनी झोपड़ी के बाहर खेल रही थी।
परिवार के बाकी सदस्य टीवी देख रहे थे। एक पड़ोसी ने बच्ची की माँ को आकर बताया कि कमलेश उनकी बेटी को चाकू से काट रहा है। सभी उस तरफ भागे, उन्होंने देखा कि कमलेश एक हाथ में चाकू और दूसरे में बच्ची को पकड़े हुए था। उन्होंने उसे बचाने की भी कोशिश की लेकिन जब बच्ची को आरोपी से छुड़ाकर अस्पताल ले जाया गया तो उसे वहां पर मृत घोषित कर दिया गया।
शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पर आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। बीते 3 सितंबर को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया था। उसके बाद गुरुवार को अदालत ने दोषी को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई।