एक अन्य डीएसपी आया विजिलेंस के रडार पर
इस केस में अब एक अन्य डीएसपी भी पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर आ गया है। पता चला है कि वह काफी समय तक एआईजी आशीष कपूर के साथ ही सेवाएं दे चुके हैं। विजिलेंस अब उन्हें बुलाकर पूछताछ करने की तैयारी में है क्योंकि कई ऐसे मामले हैं, जिनकी जांच में वह भी शामिल रहे हैं।
यह है मामला
साल 2016 में आशीष कपूर केंद्रीय जेल अमृतसर में अधीक्षक के पद पर थे। उसी दौरान कुरुक्षेत्र निवासी पूनम राजन से उनकी दोस्ती हुई थी जो किसी मामले में न्यायिक हिरासत में चल रही थी। साल 2018 में पूनम राजन, उसकी मां प्रेम लता, भाई कुलदीप सिंह व भाभी प्रीति के खिलाफ जीरकपुर थाने में एक धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। जब सभी पुलिस रिमांड पर चल रहे थे तो उस दौरान आशीष कपूर जीरकपुर थाने पहुंचे।
उन्होंने पूनम राजन की मां प्रेम लता को आश्वस्त किया कि वह उन्हें इस केस में बरी करवाएंगे। इसके बाद कपूर ने थाना जीरकपुर के तत्कालीन एसएचओ पवन कुमार व एएसआई हरजिंदर सिंह के साथ मिलीभगत कर पूनम की भाभी प्रीति को निर्दोष घोषित करवा दिया। धोखाधड़ी के केस में बरी करवाने की एवज में एआईजी आशीष कपूर ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत ली। आशीष कपूर ने एएसआई हरजिंदर के माध्यम से एक करोड़ रुपये के चेक पर प्रेम लता के हस्ताक्षर करवाए। वहीं उन चेकों को अपने परिचितों के नाम से जमाकर हरजिंदर के माध्यम से कैश करवाया लेकिन बाद में इसी मामले में कपूर के खिलाफ शिकायत दी गई।