कातिलाना हमला करने के मामले में जिला अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में एक नाबालिग को दोषी ठहराते हुए हफ्ते में कम से 30 घंटे तक सिविल अस्पताल में कम्यूनिटी सेवा करने के आदेश दिए हैं।
उसे अस्पताल में मरीजों की देखभाल में सहयोग देना होगा। यह सेवाएं एक साल तक देनी होगी। यह फैसला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास आशीष सालदी ने सुनाया।
अदालत ने सिविल अस्पताल मोहाली व एसएचओ को आदेश दिए है कि नाबालिग के कामों की समय-समय पर अदालत में रिपोर्ट पेश की जाए। यदि नाबालिग दोषी ने आदेशों की को नहीं मानता तो उसे दो साल जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी।