गुरु गोविंद सिंह की पोशाक पहन कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केस को दोबारा ट्रायल कोर्ट में भेज दिया है।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले के आरोपी डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को बठिंडा की अदालत में 22 मार्च को पेश होने के निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने इन आदेशों के साथ ही डेरा मुखी की ओर से दाखिल उस याचिका को रद्द कर दिया, जिसके तहत उन्होंने बठिंडा कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी थी।
पिछले साल फरवरी माह में बठिंडा कोर्ट ने डेरा मुखी को कोर्ट में उपस्थित रहकर अपना पक्ष रखने के निर्देश जारी किए थे।
इसके साथ ही, बठिंडा कोर्ट ने पंजाब सरकार और मामले के शिकायतकर्ता राजिदर सिंह सिद्धू को गवाहों की लिस्ट कोर्ट में जमा करवाने के निर्देश जारी किए थे। डेरा मुखी ने इन्हीं आदेशों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
सनद रहे कि डेरा मुखी राम रहीम द्वारा सिख गुरु की पोशाक धारण कर धार्मिक गतिविधियां करने पर सिख संगठन भड़क गए थे।
डेरा मुखी के खिलाफ बठिंडा में धार्मिक भावनाओं को भड़काने के मामले में सेक्शन 295 के तहत दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर के संबंध में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की।
मामले बठिंडा कोर्ट में आने के बाद एडिशनल एंड सेशन जज ने उन्हें कोर्ट में तलब कर लिया।
वीरवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में डेरा मुखी लोअर कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं।