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पेरेंट्स को बड़ी राहत, माउंट कार्मल स्कूल की फीस बढ़ोतरी पर कोर्ट का स्टे

Wed, 29 Mar 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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court shimla
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माउंट कार्मल स्कूल प्रबंधन की ओर से की गई बेतहाशा फीस बढ़ोतरी पर सीजेएम कोर्ट ने स्टे लगाते हुए अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। 141 पेरेंट्स की ओर से फीस वृद्धि के खिलाफ दाखिल केस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि स्कूल प्रशासन पिछले साल की फीस पर केवल आठ फीसदी से बढ़ोतरी नहीं कर सकता है, इससे अधिक नहीं। वहीं अदालत ने कोर्ट में प्रशासन और डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की ओर से किसी के भी अदालत में पेश न होने पर उन्हें एक्स पार्टी घोषित कर दिया। इसके अलावा सीबीएसई को फिर से नोटिस कर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 5 अप्रैल को होगी। 
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माउंट कार्मल स्कूल के 141 पेरेंट्स ने 23 मार्च को जिला अदालत में स्कूल प्रबंधन द्वारा बेतहाशा फीस बढ़ाए जाने के खिलाफ जिला अदालत में सिविल सूट फाइल किया था। पेरेंट्स की ओर से दायर केस में एडवोकेट बलजीत सिंह सैनी ने अदालत को बताया कि स्कूल प्रबंधन मनमाने तरीके से फीस वसूल रहा है। स्कूल प्रबंधन ने सरकारी नियमों के विपरीत जाकर लगभग दोगुनी फीस कर दी है।  इसमें स्कूल प्रबंधन, चंडीगढ़ प्रशासन को एजुकेशन सेक्रेटरी के जरिए, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) और सीबीएसई को पार्टी बनाया गया था। मंगलवार को जिला अदालत में केवल स्कूल प्रबंधन की ओर से वकील पेश हुए। अदालत ने स्कूल प्रबंधन से बैंक खातों संबंधी जानकारी मांगी थी, लेकिन स्कूल की ओर से कोई रिकार्ड पेश नहीं किया गया और इसके लिए वक्त मांगा गया।

यह कहा था याचिका में
याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट बलजीत सिंह सैनी ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का संज्ञान देते हुए कहा कि, प्राइवेट स्कूलों को चैरिटेबल तरीके से चलाने के निर्देश हैं, लेकिन शहर के स्कूल बिजनेस के तौर पर चला रहे हैं। अभिभावकों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि स्कूल अपने बैंक खातों की स्टेटमेंट कोर्ट में पेश करे। 
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2700 से सीधा 4800 रुपये कर दी थी फीस

- फोटो : File Photo
2700 से सीधा 4800 रुपये कर दी थी फीस
पेरेंट्स का कहना है कि स्कूल पिछले साल तक चौथी से आठवीं क्लास के बच्चों से 2700 रुपये फीस लेता था, लेकिन इस साल नए सत्र से इसे 4800 से पांच हजार रुपये तक कर दिया है। 

प्रशासन को भी कराया अवगत
याचिकाकर्ताओं ने स्कूल की इस मनमर्जी के खिलाफ एजुकेशन सेक्रेटरी और सीबीएसई को भी ईमेल भेज अवगत कराया। इसमें उन्होंने कहा कि कैसे स्कूल ने अवैध तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर ली है। 17 फरवरी को स्कूल की ओर से सभी पेरेंट्स को एक नोटिस भेजा गया, जिसमें स्कूल ने झूठा दावा किया कि फीस करीब 10 फीसदी ही बढ़ाई गई है। फीस में बढ़ोतरी इसलिए भी गलत है, क्योंकि सीबीएसई की ओर से 3 जून, 2016 को जारी किए गए सर्कुलर में साफ तौर पर कहा गया है कि फीस की बढ़ोतरी स्कूल की ओर से मुहैया की जाने वाली सुविधाओं के अनुसार होनी चाहिए। 

शहर के अधिकतर स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं। यह सीबीएसई के नियमों के भी खिलाफ है। अदालत का आदेश लालची स्कूल प्रबंधकों के लिए एक झटका है। 
- नितिन गोयल, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन  
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