फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ प्रशासन ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग पर दिया हाईकोर्ट को जवाब, लिखा- नई बनाई जा सकतीं

Wed, 11 Dec 2019 03:23 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बदहाल सरकारी मकानों के बजाय नए सिरे से मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाए जाने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को अपना जवाब दायर किया। इसमें बताया गया कि हालांकि हेरिटेज होने के चलते सेक्टर-7 और सेक्टर-22 में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग नहीं बनाई जा सकती हैं, लेकिन अन्य सेक्टर्स में अब इसकी संभावना तलाशी जा रही है।
विज्ञापन


साथ ही हाईकोर्ट को बताया कि सेक्टर-25 के श्मशान घाट को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया गया है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 का श्मशान घाट जिसका अभी तक उचित उपयोग नहीं हो पा रहा था उसे विकसित किया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इसमें इस बात पर चर्चा की गई थी कि हेरिटेज होने के चलते सेक्टर-7 और सेक्टर-22 में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग नहीं बनाई जा सकती हैं, लेकिन अन्य सेक्टरों में ऐसी बिल्डिंग बनाई जा सकती हैं।
विज्ञापन


बैठक में तय किया गया कि चीफ इंजीनियर इन सेक्टरों में जर्जर हो चुके ऐसे सरकारी मकानों की सूची तैयार करेंगे और इन्हें गिराए जाने के लिए गवर्नर की एडवाइजरी कमेटी को नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही इन सेक्टरों में खुली जगह खोजी जाएंगी, जहां मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाईं जा सकें।

बैठक में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की ओर से बताया गया कि आईटी पार्क में उनके द्वारा मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाई गई हैं। इन्हें पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी कर्मियों को रहने के लिए दिया जा सकता है। इसके साथ ही बताया गया कि 336 सरकारी मकान बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा भविष्य में 800 अन्य मकान भी बनाए जाने हैं। इससे शहर के सरकारी कर्मियों की रिहाइश की समस्या कुछ हद तक हल हो सकती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें